साथी महिलाकर्मी को भेजे अश्लील मैसेज, की मारपीट; YEIDA के मैनेजर पर गिरी गाज
साथी महिला का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के मैनेजर को सस्पेंड किया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. आरोप है कि प्रबन्धक कार्तिकेय जायसवाल ने महिला के साथ मारपीट की, उसके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसे अश्लील मैसेज भी भेजे.
UP News: यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण ने महिला सहकर्मी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने, उसके साथ मारपीट करने और उसे अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में एक मैनेजर को सस्पेंड कर दिया है. महिला प्रबंधक की शिकायत पर प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है. किसी औद्योगिक विकास प्राधिकरण में किसी अधिकारी के विरुद्ध इतनी सख्त कार्रवाई पहली बार हुई है.
आंतरिक परिवाद समिति ने दिलाया न्याय
यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि किसी भी संस्थान में महिला कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले को सजा जरूर मिलनी चाहिए. उन्होंने बताया कि कार्तिकेय जायसवाल, प्रबन्धक द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए महिला प्रबंधक से दुर्व्यवहार किया गया एवं हाथापाई भी की गयी, जिसमें महिला प्रबन्धक के चेहरे पर चोट आई.
महिला प्रबंधक की शिकायत पर एसीईओ द्वारा उच्चतम न्यायालय द्वारा विशाखा केस में निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार प्राधिकरण में गठित आन्तरिक परिवाद समिति के अध्यक्ष को प्रकरण की तत्काल जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया. इसके बाद आन्तरिक परिवाद समिति के सदस्यों के समक्ष शिकायतकर्ता का व आरोपी प्रबंधक कार्तिकेय जायसवाल का बयान लिया. प्राधिकरण की महिला प्रबंधक ने अपने बयान में बताया कि कार्तिकेय जायसवाल, प्रबन्धक द्वारा उनके साथ कार्यालय कक्ष में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट की गयी, जिसके कारण उनके चेहरे पर चोट आयी.
प्रबंधक ने महिला को भेजे थे अभद्र मैसेज
पीड़िता ने अपने बयान में यह भी कहा कि कार्तिकेय जायसवाल द्वारा पूर्व में उसे अश्लील मैसेज भेजे गए थे. जांच समिति के समक्ष महिला प्रबंधक ने अपने फोन पर कार्तिकेय जायसवाल द्वारा भेजे गए मैसेज दिखाए, जिसमें अत्यन्त अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था.
शासन ने की कार्रवाई
जांच के बाद प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने आरोपी प्रबंधक पर कार्रवाई के लिए समिति की जांच रिपोर्ट, मोबाइल के मैसेज व अन्य साक्ष्य शासन को भेजते हुए कार्रवाई की संतुति की. इसमें कहा गया कि कार्तिकेय जायसवाल का आचरण सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली व सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी विशाखा गाइड लाइन के विरुद्ध पाया गया है. इस आधार पर औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने यीडा के प्रबंधनक कार्तिकेय जायसवाल को निलंबित करते हुए उसके खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिये हैं.