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India Daily

BHU कैंपस में देर रात क्यों भड़के छात्र? पथराव और बल प्रयोग से मचा हड़कंप

कैंपस को शांत कराने के लिए BHU प्रशासन को पुलिस और PAC की मदद लेनी पड़ी. घंटों चले गोरिल्ला युद्ध के दौरान दर्जनों सुरक्षाकर्मियों, छात्रों और पुलिसकर्मियों को भी चोट आई है.

Gyanendra Sharma
BHU कैंपस में देर रात क्यों भड़के छात्र? पथराव और बल प्रयोग से मचा हड़कंप
Courtesy: Photo-Social Media Grab

वाराणसी: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कैंपस में मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात अचानक बवाल मच गया. प्रोक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया. दोनों पक्षों के बीच पथराव, लाठी-डंडे और हल्का बल प्रयोग हुआ, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई. 

कैंपस को शांत कराने के लिए BHU प्रशासन को  पुलिस और PAC (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) की मदद लेनी पड़ी. घंटों चले गोरिल्ला युद्ध के दौरान दर्जनों सुरक्षाकर्मियों, छात्रों और पुलिसकर्मियों को भी चोट आई है. 

सूत्रों के अनुसार घटना रात करीब 12 बजे के आसपास शुरू हुई. कुछ छात्रों और प्रोक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोक-झोंक हुई. आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने पहले हल्का बल प्रयोग किया, जिससे नाराज छात्रों ने जवाब में पत्थरबाजी शुरू कर दी. देखते-देखते सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए और परिसर के विभिन्न हिस्सों में पथराव होने लगा.

नाराज छात्रों ने गमलों और कुर्सियां भी तोड़ी

बताया जाता है कि राजाराम हॉस्टल के बाहर एक छात्र को कुछ छात्र पीट रहे थे, मौका पर  प्रोक्टोरियल के सुरक्षाकर्मी पहुंचे और छात्रों को पकड़ लिया. इससे छात्र नाराज हो गए और हंगामा शुरू कर दिया. राजाराम हॉस्टल के बाहर एक छात्र को वाहन से टक्कर लग गया था. जिससे नाराज होकर छात्र कुलपति आवास के बाहर धरना देना शुरू कर दिए थे. उसी समय पत्थरबाजी होने लगी. 

पुलिस और PAC के जवान कैंपस पहुंचे

हंगामा बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत लंका, सिगरा, भेलूपुर सहित कई थानों की फोर्स और PAC को बुला लिया. पुलिस और PAC के जवान कैंपस में दाखिल हुए तो छात्रों ने उन पर भी पत्थर फेंके. जवाब में पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और हल्का बल प्रयोग किया. करीब तीन घंटे तक चले इस तनावपूर्ण माहौल में दोनों तरफ से पथराव और मारपीट की घटनाएं हुईं.

झड़प में दर्जनों छात्र, प्रोक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी और कुछ पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए. घायलों को ट्रॉमा सेंटर और विश्वविद्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया. सुबह करीब 3 बजे के आसपास पुलिस और PAC की भारी मौजूदगी के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका.