बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगला सेवा महंगी, अब 15 हजार की जगह जमा कराने होंगे 1.51 लाख रुपये

मथुरा के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगला सेवा का शुल्क 15 हजार से बढ़ाकर 1.51 लाख रुपये कर दिया गया है. हाई पावर कमेटी ने मंदिर विकास के लिए यह बड़ा निर्णय लिया है.

Prem Kaushik
Kanhaiya Kumar Jha

मथुरा: श्री बांके बिहारी मंदिर में बनने वाले फूल बंगला अब भक्तों के लिए पहले से कहीं ज्यादा महंगे हो गए हैं. मंदिर में फूल बंगला बनवाने के लिए पहले भक्तों को मंदिर कार्यालय में 15 हजार रुपए जमा कराने पड़ते थे, लेकिन अब यह राशि बढ़ाकर 1 लाख 51 हजार रुपए कर दी गई है. यह फैसला मंदिर प्रबंधन की हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की 13वीं बैठक में लिया गया.

बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं, आय और विभिन्न धार्मिक सेवाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. कमेटी का मानना है कि बढ़ी हुई राशि से मंदिर के खजाने में वृद्धि होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.

108 दिनों तक बनते हैं फूल बंगला

वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी से लेकर हरियाली अमावस्या तक भगवान के लिए विशेष फूल बंगला सजाए जाते हैं. यह परंपरा लगभग 108 दिनों तक चलती है.

गर्मी के मौसम में ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से यह सेवा की जाती है. मंदिर में प्रतिदिन दो बार फूल बंगला सजाया जाता है. एक फूल बंगला राजभोग सेवा के समय तैयार किया जाता है, जिसमें भगवान विराजमान होते हैं. वहीं दूसरा फूल बंगला शाम के समय शयनभोग सेवा के दौरान सजाया जाता है.

इन फूल बंगलों को रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया जाता है. देश-विदेश से आने वाले भक्त इस सेवा को करवाने के लिए उत्साहित रहते हैं और सुंदर फूल बंगला बनवाकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं.

पहले 15 हजार जमा करते थे भक्त

अब तक फूल बंगला सेवा के लिए भक्तों को मंदिर कार्यालय में 15 हजार रुपए जमा कराने होते थे. इसके अलावा फूलों की सजावट और बंगला बनाने में आने वाले अन्य खर्च भी भक्त स्वयं वहन करते थे.

फूल बंगला बनवाने के लिए श्रद्धालुओं में इतनी अधिक मांग रहती है कि कई बार उन्हें अपनी बारी आने के लिए एक साल तक इंतजार करना पड़ता है. कई भक्त इस सेवा को भगवान के प्रति विशेष भक्ति और समर्पण का प्रतीक मानते हैं.

कमेटी की बैठक में बढ़ाई गई राशि

गुरुवार देर शाम हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की 13वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें फूल बंगला सेवा से संबंधित शुल्क पर चर्चा की गई. बैठक में बताया गया कि वर्तमान में मंदिर कार्यालय में प्रति फूल बंगला 15 हजार रुपए जमा किए जाते हैं.

इसके बाद कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब यह राशि बढ़ाकर 1 लाख 51 हजार रुपए कर दी जाए. कमेटी सदस्य और मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी ने बताया कि यह राशि सीधे भगवान के खजाने में जमा होगी.

उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने और विभिन्न धार्मिक सेवाओं के संचालन में किया जाएगा.

प्रतिदिन 3 लाख रुपये की होगी आय

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, गर्मियों के दौरान 108 दिनों तक प्रतिदिन दो फूल बंगला बनाए जाते हैं. नई व्यवस्था के अनुसार यदि एक फूल बंगला के लिए 1 लाख 51 हजार रुपए जमा होंगे, तो मंदिर को प्रतिदिन लगभग 3 लाख रुपए की आय प्राप्त होगी. कमेटी का मानना है कि इससे मंदिर की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी तथा मंदिर परिसर और उससे जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों को गति मिलेगी.

अन्य मंदिरों के जीर्णोद्धार का भी फैसला

हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में मंदिर से जुड़े अन्य धार्मिक स्थलों के विकास और साफ-सफाई को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. कमेटी अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में राधाकुंड स्थित कुंज बिहारी मंदिर, वृंदावन के वमनपुरी स्थित हनुमान मंदिर और स्नेह बिहारी मंदिर के सामने स्थित शिवालय के जीर्णोद्धार और साफ-सफाई कराने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा निधिवन क्षेत्र में लता-पतों को सींचने और ललिता कुंड में मीठा पानी भरने के लिए अलग से पाइपलाइन बिछाने का भी निर्णय लिया गया है. मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इन निर्णयों से मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक वातावरण मिल सकेगा.