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'नेमप्लेट से रामदेव को दिक्कत नहीं, रहमान को क्यों?,' बाबा रामदेव ये क्या पूछ लिया?

उत्तर प्रदेश में कांवड़ रूट पर पड़ने वाली दुकानों के सामने, नाम लिखना अनिवार्य कर दिया है. नेमप्लेट को लेकर देशभर में जमकर सियासत भड़की है. सीएम योगी के इस फैसले के खिलाफ, एनडीए के सहयोगी दलों ने भी आवाज उठाई. उन्होंने इसे विभाजनकारी बताया. आखिर पर इस विवाद पर बाबा रामदेव ने क्या कहा है, आइए जानते हैं.

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उत्तर प्रदेश में अब कांवड़ रूट पर पड़ने वाली दुकानों के आगे, नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है. दुकान मालिकों को नाम लिखना होगा, अपनी पहचान बतानी होगी. योगी सरकार के इस फैसले को लेकर जमकर हंगामा बरपा है. विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेता और एनडीए सरकार के सहयोगी दलों के नेता भी इस फैसले को लेकर अपना विरोध जता चुके हैं. एनडीए ब्लॉक के नेताओं का भी कहना है कि सरकार को इस फैसले पर विचार करना चाहिए. इस विवाद को लेकर जमकर बयानबाजी हो रही है. अब स्वामी रामदेव भी इस विवाद में कूद पड़े हैं.

योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा है, 'अगर रामदेव को अपनी पहचान बताने में कोई दिक्कत नहीं है, तो रहमान को अपनी पहचान बताने में क्या दिक्कत होनी चाहिए? हर किसी को अपने नाम पर गर्व होना चाहिए. नाम छिपाने की जरूरत नहीं है, सिर्फ काम में शुद्धता की जरूरत है. अगर हमारा काम शुद्ध है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम हिंदू हैं, मुस्लिम हैं या किसी और समुदाय से हैं.' इस दौरान उनके साथ आचार्य बालकृष्ण भी नजर आए. उन्होंने हरिद्वार में रविवार को ये बातें कही हैं.

'लोग गढ़ रहे हैं झूठे नैरेटिव'

स्वामी रामदेव ने कहा, 'सबको अपने हिंदू होने पर, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्व या ओबीसी होने पर गर्व होना चाहिए. हिंदुस्तानी होने पर गर्व होना चाहिए. इसमें कई तरह के नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं. यह गलत है. विरोध और समर्थन के पीछे लोगों के पीछे राजनैतिक मंसूबे हैं. विरोध तो लोग मोदी जी का कर रहे हैं, मोदी जी संविधान, लोकतंत्र के लिए खतरा हैं, दलितों और मुसलमानों के लिए खतरा हैं. देवतुल्य देश के प्रधानमंत्री को लोग मारने के लिए खड़े हो जाएं.'

हिंदुत्व-मोदी के खिलाफ नफरत का माहौल बनाया जा रहा

स्वामी रामदेव ने कहा, 'एक घृणा और नफरता का भाव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ, हिंदुत्व के खिलाफ पैदा किया जा रहा है. यह मान्य नहीं है. भारत की सनातन संस्कृति, अहिंसा, सहअस्तित्व और एकता पर आधारित रही है. हम एक साथ मिलकर रहें.'  

क्या है हंगामे की वजह?

योगी सरकार ने शुक्रवार को एक आदेश जारी किया था कि यूपी में कांवड़ रूट पर पड़ने वाली दुकानों के सामने नेमप्लेट लगाना अनिवार्य है. योगी सरकार के इस फैसले को लोगों ने विभाजनकारी कहा. इससे उन्होंने कहा कि समाज में नफरत का माहौल पैदा होगा. AIMIM सांसद असुद्दीन ओवैसी, नेता विपक्ष राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेताओं ने इस फैसले का विरोध किया है. मानसून सत्र के दौरान भी इसे लेकर हंगामा बरप सकता है. दूसरी तरफ, हिंदूवादी नेताओं का कहना है कि यह फैसला पूरे देश में लागू होना चाहिए.