यूपी में मानसून का अजीब खेल, कहीं झमाझम बारिश तो कहीं सूखा; 7 जिलों में 40 प्रतिशत से भी कम पानी
उत्तर प्रदेश में मानसून की बारिश असमान बनी हुई है. सात जिलों में सामान्य से 40 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है, जबकि मेरठ समेत पांच जिलों में सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई. जानिए किस जिले में कितनी बारिश हुई.
उत्तर प्रदेश में मानसून का असर एक जैसा नहीं दिखाई दे रहा है. प्रदेश के कुछ जिलों में जहां बादल जमकर बरस रहे हैं, वहीं कई इलाके बारिश के लिए तरस रहे हैं. एक जून से 12 अगस्त तक के मौसम विभाग के आंकड़ों में बारिश का यह अंतर साफ दिखाई दे रहा है. कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि सात जिलों में सामान्य की तुलना में 40 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है.
हालांकि राहत की बात यह है कि प्रदेश का कोई भी जिला ऐसा नहीं है जहां इस अवधि में बिल्कुल बारिश नहीं हुई हो. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कुल मिलाकर प्रदेश के 28 जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में रही है.
सात जिलों में 40 प्रतिशत से भी कम बारिश
मानसून के दौरान सबसे कम बारिश वाले जिलों में मऊ, कुशीनगर, कानपुर देहात, भदोही, जौनपुर, देवरिया और पीलीभीत शामिल हैं. इन जिलों में एक जून से 12 अगस्त के बीच सामान्य बारिश की तुलना में 40 प्रतिशत से भी कम वर्षा दर्ज की गई. इन इलाकों में बारिश की कमी का असर खेती और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता पर भी पड़ सकता है. आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां इन जिलों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाली हैं.
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इन पांच जिलों में 120 प्रतिशत ज्यादा बारिश
दूसरी तरफ प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून काफी मेहरबान रहा है. मेरठ, मुजफ्फरनगर, संभल, फिरोजाबाद और एटा में सामान्य की तुलना में 120 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इन जिलों में हुई अधिक बारिश ने प्रदेश में मानसून के असमान वितरण को और साफ कर दिया है. एक तरफ कुछ क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा पानी गिर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कई जिलों में किसान सामान्य बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
28 जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 28 जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में रही है. इनमें बागपत, इटावा, बुलंदशहर, हमीरपुर, कानपुर नगर, हाथरस, बिजनौर, चित्रकूट, बदायूं, आगरा, कन्नौज, औरैया, मीरजापुर, कासगंज, महोबा, बाराबंकी, प्रयागराज, सुलतानपुर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, बहराइच, ललितपुर, बलरामपुर, गौतमबुद्धनगर, बांदा, बलिया, प्रतापगढ़ और गोंडा शामिल हैं. इन जिलों में फिलहाल बारिश का स्तर सामान्य माना जा रहा है. इससे खेती और जल संसाधनों पर बारिश की कमी का दबाव अपेक्षाकृत कम है.
20 जिलों में 60 से 80 प्रतिशत बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में सामान्य की तुलना में 60 से 80 प्रतिशत तक बारिश दर्ज की गई है. इनमें सहारनपुर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बरेली, फर्रुखाबाद, गोरखपुर, जालौन, बस्ती, सोनभद्र, अयोध्या, वाराणसी, सिद्धार्थनगर, लखनऊ, अलीगढ़, हापुड़, मथुरा, हरदोई, अंबेडकरनगर, रामपुर और आजमगढ़ शामिल हैं. इन क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम जरूर रही है, लेकिन स्थिति सबसे कम बारिश वाले जिलों जितनी चिंताजनक नहीं है.
चंदौली, गाजीपुर, श्रावस्ती, उन्नाव, मैनपुरी, रायबरेली, अमरोहा, संतकबीरनगर, झांसी, फतेहपुर, सीतापुर, शामली, गाजियाबाद, कौशांबी और अमेठी में सामान्य की तुलना में 40 से 60 प्रतिशत तक बारिश हुई है. इन जिलों में भी मानसून की कमी साफ दिखाई दे रही है. अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो इसका असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है.