यूपी के सरकारी स्कूलों में तकनीक की नई पाठशाला, AI और रोबोटिक्स सीखेंगे छात्र
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा. इस दिशा में 900 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी की गई है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा मिल सकेगी.
स्कूल शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है. अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा. इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण की योजना तैयार की है, जिसमें आईआईटी कानपुर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.
शिक्षकों को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग
नई योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 900 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन आईआईटी कानपुर के सहयोग से किया जाएगा. इसमें डिजिटल साक्षरता, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स जैसे विषय शामिल होंगे. अधिकारियों का मानना है कि जब शिक्षक इन तकनीकों की गहरी समझ हासिल करेंगे, तभी वे विद्यार्थियों तक इन्हें प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेंगे.
पहले भी हो चुका है क्षमता विकास
एससीईआरटी के अनुसार उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विज्ञान विषय से जुड़े लगभग 45 हजार शिक्षकों का क्षमता संवर्धन पहले ही किया जा चुका है. इसके लिए विशेष मॉड्यूल विकसित किए गए थे. इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आईआईटी कानपुर ने 756 शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया था. इस अनुभव के आधार पर अब प्रशिक्षण कार्यक्रम को और व्यापक रूप दिया जा रहा है.
व्यावहारिक सीखने पर रहेगा जोर
इस प्रशिक्षण की खास बात यह होगी कि शिक्षकों को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाएगा. रोबोटिक्स मॉडल, कोडिंग अभ्यास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जुड़े प्रयोगों के माध्यम से शिक्षकों को तैयार किया जाएगा. इससे विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक को समझने और उसका उपयोग सीखने में मदद मिलेगी.
विभिन्न विभागों के शिक्षक होंगे शामिल
प्रशिक्षण कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 750 शिक्षक, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के 140 प्रवक्ता और एससीईआरटी की विभिन्न इकाइयों के 10 प्रवक्ता शामिल होंगे. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छात्रों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देगी.