UP में शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, 14 हजार से ज्यादा दिव्यांग छात्रों को मिलेगी आर्थिक मदद

उत्तर प्रदेश में गंभीर और बहु दिव्यांग छात्रों के लिए एस्कार्ट भत्ते की शुरुआत होगी. 14,152 बच्चों को दस महीने तक हर माह 600 रुपये मिलेंगे. वहीं प्रधानाध्यापकों की बीईओ पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी.

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Meenu Singh

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों और शिक्षकों के लिए दो अहम फैसले सामने आए हैं. गंभीर दिव्यांग छात्रों को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी कम करने के लिए पहली बार एस्कार्ट भत्ता दिया जाएगा. इसके तहत पात्र बच्चों के खाते में हर महीने 600 रुपये भेजे जाएंगे. दूसरी ओर, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को खंड शिक्षा अधिकारी यानी बीईओ पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है. दोनों कदमों का असर शिक्षा व्यवस्था पर दिखाई दे सकता है.

14,152 दिव्यांग बच्चों को मिलेगा लाभ

सरकार की योजना के तहत 14,152 पात्र दिव्यांग छात्रों को हर महीने 600 रुपये की सहायता मिलेगी. यह राशि दस महीने तक दी जाएगी. इसके लिए प्रोजेक्ट एडवाइजरी बोर्ड ने 8.49 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. रकम सीधे बच्चों के माता-पिता के आधार से जुड़े बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए भेजी जाएगी. इससे परिवारों पर बच्चों को स्कूल लाने और वापस ले जाने का खर्च कम होगा.

इन छात्रों को मिलेगा एस्कार्ट भत्ता

योजना में पूर्ण दृष्टि दिव्यांग, बौद्धिक दिव्यांगता, सेरेब्रल पाल्सी और बहु दिव्यांगता वाले छात्र शामिल होंगे. जापानी इंसेफेलाइटिस और एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से प्रभावित पात्र बच्चों को भी इसका लाभ मिलेगा. सहायता पाने के लिए छात्र का विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहना जरूरी होगा. इससे सरकार को उम्मीद है कि दिव्यांग बच्चों की स्कूल उपस्थिति बढ़ेगी और पढ़ाई जारी रखने में परिवारों को अतिरिक्त सहारा मिलेगा.


प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति पर बढ़ी हलचल

उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बीईओ पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया भी तेज हुई है. मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को संबंधित प्रधानाध्यापकों की सूची तैयार कर भेजने को कहा गया है. सेवा पुस्तिका समेत दस बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है. इसी आधार पर वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी. यह कदम लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया

अनिल कुमार वाजपेयी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने प्रधानाध्यापकों की बीईओ पद पर पदोन्नति से जुड़ा आदेश दिया था. पालन नहीं होने पर अवमानना की कार्रवाई तक की स्थिति बनी. 16 दिसंबर 2025 को अदालत ने सख्त निर्देश दिए थे. अब बेसिक शिक्षा विभाग ने सेवा संबंधी विवरण जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.