'पूरी जिंदगी मेरी गुलाम बनकर रहेगी...', पति ने फाड़ डालीं पत्नी की किताबें, हैरान कर देगी ये कहानी
Crime News UP: उत्तर प्रदेश से आए दिन घरेलू हिंसा और मारपीट की खबरें सामने आती रहती हैं. इस बीच एक खबर और सामने आई है, खबर के मुताबिक, पति ने पत्नी को आगे पढ़ाने से इंकार कर दिया और उसकी किताबें भी फाड़ दीं. इस दौरान पति ने कहा कि तुम मेरी गुलाम बनकर रहोगी. पीड़िता ने इस मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई है. पुलिस ने ससुराल पक्ष के पांच सदस्यों के ऊपर मारपीट करने का मुकदमा भी पंजीकृत किया है.
Crime News UP: दहेज और घरेलू हिंसा की खबरें अक्सर सुनने में आती रहती हैं. प्रशासन इन मामलों पर सख्ती से कार्रवाई भी करता है, लेकिन इसके बाद भी यह मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का है.खास बात यह है कि यह केस अन्य मामलों से थोड़ा अलग है. यहां की एक महिला ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उसके ससुराल वालों ने पढ़ाई बंद करा दी और उससे दहेज की मांग की है. पति भी पत्नी के ऊपर जुल्म ढहाने लगा. पति ने जुर्म की बेइंतहा कर दी उसने उसकी किताबें तक फाड़ डालीं और कहा कि अब तुम मेरी गुलाम बनकर रहोगी. इस घटना के बाद पीड़िता ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ नजदीकी थाने में जाकर एफआईआर दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच करनी शुरु कर दी है.
गाली-गलौज करके किताबें फाड़ दीं
यह मामला शहर कोतवाली के पल्हरी का है. यहां रहने वाली अंजना ने कहा कि उसकी शादी 16 दिसंबर 2022 को मवई महोखर निवासी राहुल के साथ हुई थी.पति ने अपनी शिकायत में कहा कि पति और ससुर ने शादी के बाद आगे पढ़ाने की बात कही थी, लेकिन शादी के बाद उसे पढ़ाने से मना कर दिया गया और उसके घर वालों से अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी. पीड़िता ने थाने में शिकायत पत्र दिया. इस दौरान थाने में समझौता कराकर ससुराल पक्ष अपने साथ ले गया. महिला ने बताया कि समझौते के बाद उसने फिर से पति से पढ़ाने के बारे में कहा तो उसने गाली-गलौज करते हुए किताबें फाड़ दीं. बोला कि अब तुम कभी नहीं पढ़ पाओगी. तुम जिंदगी भर मेरी गुलाम बनकर रहोगी.
समझौते की कोशिश रही नाकाम
ससुराल वालों के इस कारनामे से पुलिस हरकत में आ गई है. पीड़िता ने पति सहित ससुराल पक्ष के पांच सदस्यों के ऊपर मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है. इस मामले में पुलिस का कहना है कि पीड़ित महिला की शिकायत दर्ज कर ली गई है. दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं बन पाई है.