संतकबीरनगर के महेरवा निवासी 18 वर्षीय आदर्श मिश्रा उर्फ तुषार लखनऊ में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था. रक्षाबंधन से पहले वह गांव में आयोजित रुद्राभिषेक कार्यक्रम में परिवार के साथ शामिल हुआ और फिर लखनऊ लौट गया. कुछ ही समय बाद परिवार को उसकी तबीयत बिगड़ने की खबर मिली. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. आदर्श तीन बहनों का इकलौता भाई था. उसकी मौत के बाद परिवार में त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं.
आदर्श बीबीडी थाना क्षेत्र में रहकर एक निजी कॉलेज से बीटेक सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था. शनिवार को वह गांव पहुंचा था. परिवार के साथ समय बिताने के बाद रविवार को पिता प्रमोद मिश्रा ने उसे बस से लखनऊ रवाना किया. उस मुलाकात में किसी को अंदाजा नहीं था कि वे बेटे से आखिरी बार मिल रहे हैं.
परिजनों के मुताबिक, लखनऊ पहुंचने के बाद आदर्श सामान्य नजर आ रहा था. मंगलवार सुबह भी उसने माता-पिता से फोन पर बात की थी. कुछ घंटे बाद दोस्तों से उसकी तबीयत खराब होने की सूचना परिवार को मिली. परिजन तुरंत लखनऊ पहुंचे. डॉक्टरों ने इलाज किया, लेकिन बुधवार को आदर्श की मौत हो गई.
पुलिस को आदर्श के कमरे से एक भावुक नोट मिला है. इसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगने की बात लिखी थी. उस नोट में लिखा था, 'सॉरी मम्मी पापा'. इस संदेश के बाद परिवार के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि आदर्श किन परिस्थितियों से गुजर रहा था और उसने अपनी परेशानी किसी करीबी से साझा क्यों नहीं की.
आदर्श तीन बहनों का इकलौता भाई था, इसलिए रक्षाबंधन उसके परिवार के लिए खास त्योहार था. बहनें उसकी कलाई पर राखी बांधने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन अब उनके सामने भाई की तस्वीर है. परिवार की खुशियां अचानक गहरे दुख में बदल गई हैं. गांव में भी खबर फैलते ही रिश्तेदार और परिचित परिवार को ढांढस देने पहुंचने लगे.
बीबीडी थाना प्रभारी राम सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में घर से जुड़ा किसी बात पर विवाद और आदर्श के तनाव में होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि पुलिस ने इसे अंतिम वजह नहीं माना है. मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य जानकारी की जांच की जा रही है. दोस्तों और परिचितों से भी पूछताछ कर घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है.