UP का यह गांव बनेगा सोलर पावर हब! 1 करोड़ की योजना से मिलेगी फ्री बिजली
सीतापुर जिले के हेमपुर गांव को मॉडल सोलर विलेज योजना के तहत चुना गया है. एक करोड़ रुपये की सहायता से गांव में सौर ऊर्जा आधारित सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे ग्रामीणों को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और बिजली बिल से राहत मिलेगी.
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का हेमपुर गांव जल्द ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बनाने जा रहा है. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) ने इस गांव को मॉडल सोलर विलेज योजना के लिए चुना है. योजना के तहत गांव को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. इस राशि का उपयोग सौर ऊर्जा से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं के विकास में किया जाएगा. इससे ग्रामीणों को स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिलेगा और बिजली पर होने वाला खर्च भी कम होगा.
सौर ऊर्जा से लैस होगा पूरा गांव
मॉडल सोलर विलेज योजना के अंतर्गत हेमपुर गांव को सौर ऊर्जा सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित करने की तैयारी है. गांव के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे घरेलू बिजली की जरूरतें स्थानीय स्तर पर पूरी हो सकेंगी. इसके अलावा गांव की गलियों में सोलर स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएंगी ताकि रात के समय बेहतर रोशनी उपलब्ध हो सके. पंचायत भवन, विद्यालय और स्वास्थ्य उपकेंद्र जैसे सरकारी भवनों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा. इस पहल का उद्देश्य गांव को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना है.
चयन प्रक्रिया में कई मानकों का रखा गया ध्यान
मॉडल सोलर विलेज योजना के लिए जिले के सभी विकासखंडों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे. योजना में शामिल होने के लिए गांव की आबादी पांच हजार से अधिक होना जरूरी था. विभिन्न प्रस्तावों की समीक्षा और परीक्षण के बाद एलिया ब्लॉक के हेमपुर गांव का चयन किया गया. प्रत्येक जिले से केवल एक गांव को इस योजना में शामिल किया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि हेमपुर में इस योजना के सफल क्रियान्वयन से अन्य गांवों के लिए भी एक उदाहरण तैयार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा.
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300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ
यह योजना प्रधानमंत्री सूर्य घर कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसके तहत पात्र उपभोक्ताओं को अपने घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाती है. सौर ऊर्जा उत्पादन के जरिए उपभोक्ता हर महीने 300 यूनिट तक बिजली का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. अतिरिक्त बिजली ग्रिड प्रणाली के माध्यम से वापस आपूर्ति की जा सकती है. इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है और कई मामलों में बिल शून्य तक पहुंच सकता है. हालांकि योजना का लाभ लेने के लिए पहले से बिजली कनेक्शन होना आवश्यक है.
जिले में तेजी से बढ़ रहा सोलर कनेक्शन का दायरा
सौर ऊर्जा को लेकर जिले में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 15 हजार से अधिक उपभोक्ता पहले ही सोलर कनेक्शन ले चुके हैं, जबकि सैकड़ों आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं. अधिकारियों का कहना है कि लंबित आवेदनों का निस्तारण तेजी से किया जा रहा है और आवश्यक उपकरण भी जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे. नेडा के अधिकारियों के अनुसार हेमपुर में मिलने वाला अनुदान गांव को पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं से जोड़ने में उपयोग किया जाएगा. इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि ग्रामीणों की आर्थिक बचत भी सुनिश्चित होगी.