नोएडा में मजदूर दिवस पर धारा 163 लागू, 8 मई तक लागू रहेंगी ये पाबंदियां; चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा
नोएडा में मजदूर दिवस पर प्रशासन ने पूरे जिले में 163 लागू किया. 30 अप्रैल से 8 मई तक रहेगा प्रभावी.
यूपी के नोएडा में श्रमिकों ने कुछ समय पहले ही विरोध प्रदर्शन किया था. इस प्रर्दशन में कई करोड़ों का नुकसान हुआ था. इसी क्रम में मजदूर दिवस पर पुलिस प्रशासन पूरी तैयारी करके बैठा है. पूरे जिले में शांति और कानून -व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं. इसको लेकर प्रशासन ने पूरे जिले में 163 लागू कर दी है. 30 अप्रैल से 8 मई तक यह प्रभावी रहेगी. इसके तहत भीड़भाड़ वाले इलाकों में विरोध प्रदर्शन और सरकारी संस्थानों के खिलाफ प्रदर्शनों पर सख्त रोक लगा दी गई है.
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने लिया जायजा
इसके चलते पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एक मार्च निकाला. इस निरीक्षण के दौरान, औद्योगिक इकाइयों के भीतर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई और प्रयोगशालाओं में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गौतम बुद्ध नगर को 11 ज़ोन और 49 सेक्टरों में बांटा गया है. किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए, पूरे ज़िले में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और PAC के जवानों को तैनात किया गया है.
CCTV कैमरों से होगी निगरानी
सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 50 से अधिक स्थानों पर फिक्स्ड पोस्ट और CCTV कैमरों की मदद से लगातार निगरानी रखी जा रही है. औद्योगिक क्षेत्रों, प्रमुख संस्थानों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के हर कोने पर पुलिस बलों को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है.
पुलिस की चेतावनी
पुलिस प्रशासन का मुख्य ध्यान शांति और व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित है. एक स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है कि शांति भंग करने या किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस कमिश्नर ने आम जनता से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और प्रशासन के साथ सहयोग करें, ताकि मजदूर दिवस के दौरान पूरे जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे.
धारा 163 BNSS के मुख्य पहलू :
- उद्देश्य: रुकावट, परेशानी, मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को होने वाली चोट को रोकना और सार्वजनिक शांति में खलल, दंगे या झगड़ों को रोकना.
- प्रतिबंध: आमतौर पर इसमें पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों, रैलियों या प्रदर्शनों पर रोक शामिल होती है.
- हथियारों पर रोक: अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर हथियार, लाठियां, पत्थर या ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर रोक लगाती है.
- अवधि: आमतौर पर किसी विशेष क्षेत्र में एक निश्चित, सीमित समय के लिए लागू की जाती है.
- दायरा: इसे किसी विशेष क्षेत्र में विशिष्ट व्यक्तियों या आम जनता के लिए निर्देशित किया जा सकता है.