अब आरक्षण पर सियासी घमासान: अखिलेश बोले- आरक्षण था, है और रहेगा
आरक्षण विरोधी छात्रों से ब्रजेश पाठक की मुलाकात के बाद यह मुद्दा सियासी बहस के केंद्र में आ गया है. अखिलेश यादव ने आरक्षण खत्म करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया है.
लखनऊ में आरक्षण के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मुलाकात की. उन्होंने छात्रों की मांगों और जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम से जुड़ा पत्र केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने का भरोसा दिया. पाठक के मुताबिक, करीब दो दिन बाद केंद्रीय मंत्री के साथ इस मुद्दे पर बैठक प्रस्तावित है, जिसमें छात्रों की चिंताओं पर चर्चा होगी.
शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर की मांग
आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने शिक्षा और आरक्षण व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि विद्यार्थियों के साथ किसी भी स्तर पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी को समान अवसर तथा समान व्यवहार मिलना चाहिए. छात्रों ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आए घटनाक्रम और प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार का मुद्दा भी उठाया.
अखिलेश ने सरकार पर साधा निशाना
उधर, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरक्षण सुधार की बहस को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सुधार या समीक्षा जैसे शब्दों की आड़ में आरक्षण खत्म करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती. अखिलेश ने आरक्षण को पीडीए समाज का अधिकार बताते हुए कहा कि इसे किसी की इच्छा पर निर्भर नहीं किया जा सकता.
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उन्होंने क्रीमीलेयर और आरक्षण त्यागने जैसी चर्चाओं को भी इसी बहस का हिस्सा बताया और स्पष्ट शब्दों में कहा- “आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा.”