'ब्रज की 'रज' का आध्यात्मिक महत्व...', राज्यसभा में गूंजा मथुरा-वृंदावन में बढ़ती भीड़ का मुद्दा; सांसद अरुण सिंह ने की मेट्रो-रैपिड ट्रेन चलाने की मांग

सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है. जहां पहले देश में केवल पांच मेट्रो परियोजनाएं थी. वहीं, अब 26 से अधिक शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित या निर्माणाधीन हैं.

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Anuj

मथुरा-वृंदावन में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ का मुद्दा अब संसद के उच्च सदन तक पहुंच गया है. राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने सदन में सभापति के समक्ष यह विषय उठाते हुए कहा कि ब्रजभूमि में उमड़ रही अपार भीड़ को देखते हुए यहां मेट्रो या रैपिड ट्रेन जैसी आधुनिक परिवहन व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए. उनका कहना था कि बढ़ती भीड़ के कारण ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा रही है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

सांसद अरुण सिंह ने कहा कि मथुरा-वृंदावन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है. प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, गोवर्धन और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. विशेष अवसरों, पर्वों और छुट्टियों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे शहर की सड़कों पर लंबा जाम लगना आम बात हो गई है.

'श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है'

उन्होंने सदन में कहा कि ब्रज की 'रज' का अपना आध्यात्मिक महत्व है. वृंदावन, गोवर्धन और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिक्रमा करने आते हैं. इनमें अनेक श्रद्धालु दंडवती परिक्रमा करते हैं, जिसमें वे लेट-लेटकर परिक्रमा करते हैं ताकि ब्रज की पवित्र रज उनके शरीर पर लगे. धार्मिक मान्यता है कि ब्रज की रज मस्तक पर लगने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस आस्था के कारण यहां श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है.

'मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ'

सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है. जहां पहले देश में केवल पांच मेट्रो परियोजनाएं थीं, वहीं अब 26 से अधिक शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित या निर्माणाधीन हैं. ऐसे में मथुरा-वृंदावन जैसे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल को भी आधुनिक परिवहन सुविधा से जोड़ा जाना चाहिए.

'मेट्रो या रैपिड ट्रेन सेवा शुरू की जाए'

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि मथुरा-वृंदावन के बीच मेट्रो या रैपिड ट्रेन सेवा शुरू की जाती है तो इससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का विकल्प भी मिलेगा. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन को नई गति मिलेगी.

श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी

सांसद अरुण सिंह ने केंद्र सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि ब्रज क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक दीर्घकालिक परिवहन योजना तैयार की जानी चाहिए. उनका मानना है कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जहां श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, वहीं शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर और व्यवस्थित हो सकेगी.