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Ghazipur PET Exam Fraud: PET परीक्षा में बड़ा खुलासा, भाई की जगह परीक्षा देने आया फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार, ऐसे खुली पोल

गाजीपुर में आयोजित PET परीक्षा के दौरान एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया, जो अपने विकलांग भाई सौरभ प्रताप की जगह परीक्षा देने आया था. आरोपी संदीप कुमार शुरुआती तीन स्तर की सुरक्षा पार कर गया, लेकिन आइरिस स्कैनर ने उसकी पहचान उजागर कर दी. जिसके बाद फोर्स ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया. मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हो गई है.

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Km Jaya

Ghazipur PET Exam Fraud: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित परीक्षाओं की पारदर्शिता और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. गाजीपुर जिले में आयोजित प्रीलिमिनरी एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी PET के दौरान एक फर्जी अभ्यर्थी को पकड़ लिया गया. आरोपी अपने विकलांग छोटे भाई की जगह परीक्षा देने पहुंचा था, लेकिन आइरिस स्कैनिंग के दौरान उसकी असलियत सामने आ गई.

यह घटना रविवार को पहले शिफ्ट की परीक्षा के दौरान भुतहियातांड इलाके के एवरग्रीन पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर हुई. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान संदीप कुमार के रूप में हुई है. जो अपने भाई सौरभ प्रताप की जगह परीक्षा देने आया था. उसका भाई का विकलांग है और उसकी जगह संदीप ने परीक्षा में बैठने की योजना बनाई थी.

आइरिस स्कैनर से असलियत उजागर

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने सुरक्षा के तीन स्तर पार कर परीक्षा कक्ष तक पहुंचने में कामयाबी हासिल कर ली लेकिन चौथे स्तर पर लगाए गए आइरिस स्कैनर ने उसकी असलियत उजागर कर दी. स्कैनर में पहचान मिलान न होने पर तुरंत अलर्ट बजा और संदीप को मौके पर ही रोक लिया गया.

मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू

परीक्षा केंद्र पर तैनात योगी फोर्स के सदस्यों ने संदीप को हिरासत में ले लिया और फिर उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया. इस मामले की शिकायत परीक्षा केंद्र अधीक्षक द्वारा की गई, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. गाजीपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शेखर सेंगर ने बताया कि घटना की जानकारी शाम करीब 5:30 बजे मिली. उन्होंने कहा कि मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जांच जारी है.

सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदीप शुरुआती तीन स्तर की सुरक्षा कैसे पार कर गया. अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. परीक्षा के दौरान पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जाएगा.