Pahalgam Terror Attack: शुभम की पसंदीदा शर्ट पहनकर ऐशान्या ने अंतिम बार उसे गले लगाया, मां से की दिल छूने वाली बात
कानपुर के व्यापारी शुभम द्विवेदी की शादी के बाद पहलगाम में आतंकवादियों ने हत्या कर दी. उनकी पत्नी ऐशान्या ने घटना का वर्णन किया और सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
Shubham Dwivedi Pahalgam Attack: पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले शुबहम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या की गोद में गुरुवार को एक नीली शर्ट रखी थी — वही शर्ट जो शुबहम की थी और जिसे अिशन्या ने अंतिम विदाई तक पहना रखा. यह शर्ट उनके लिए अब सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि प्रेम और यादों की अंतिम निशानी बन गई है.
31 वर्षीय शुबहम और 27 वर्षीय अिशन्या की शादी को मुश्किल से दो महीने ही हुए थे. दोनों कश्मीर घूमने गए थे और सब कुछ अच्छा चल रहा था. लेकिन एक पल में सब कुछ बदल गया जब बायसरण की हरी वादियों में गोलियों की आवाज गूंजने लगी.
'तुम हिंदू हो या मुस्लिम?'
अिशन्या ने बताया, 'हमने मैगी ऑर्डर की थी और घास पर बैठे थे. तभी एक आदमी ने पीछे से पूछा, ‘तुम हिंदू हो या मुस्लिम?’ मैंने उसे ‘भैया’ कहकर पूछा कि ऐसा क्यों पूछ रहे हो. मैंने कहा कि मैं हिंदू हूं और उसने तुरंत शुबहम के सिर पर गोली चला दी.'
Also Read
- Video: '26 का बदला अगर 2600 से नहीं लिया तो मैं भारत...', आगरा में नाम पूछा फिर मार दी गोली, मौके पर ही हुई मौत
- Pahalgam Terror Attack: अब सचिन का क्या होगा... पहलगाम हमले के बाद सीमा हैदर को जाना होगा पाकिस्तान? लोगों में छिड़ी बहस
- 'दो लोगों ने पकड़े हाथ, खंभे से बांधे हाथ, इंस्पेक्टर ने बेल्ट से की ताबडतोड़ पिटाई, क्रूरता की हद पार करने वाला वीडियो देख कांप जाएगी रूह
'इसका जवाब मिलना चाहिए' – ऐशान्या की मांग
जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुबहम के घर पहुंचे, तो ऐशान्या ने आतंकियों को 'मुंहतोड़ जवाब' देने की मांग की. योगी ने आश्वासन दिया कि भारत इस नृशंसता को न भूलेगा, न माफ करेगा. उन्होंने कहा, 'आतंकियों और उनके मददगारों को सजा मिलेगी. हिंदू महिलाओं के सिंदूर को मिटाना अमानवीय क्रूरता है.'
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
गंगा किनारे स्थित डाढ़ी घाट पर शुबहम का अंतिम संस्कार किया गया. हजारों लोग अंतिम दर्शन को पहुंचे. रास्ते में छतों पर भीड़ जमा थी. कई लोगों ने 'आतंकवाद बंद करो' की तख्तियां उठाई थीं. कानपुर के बाजार भी बंद रहे, यह श्रद्धांजलि थी उस बेटे को जिसने देश के लिए अपनी जान दी.