नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा विकास का नया केंद्र, पश्चिमी यूपी में लाखों रोजगार और निवेश की उम्मीद
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली बड़ी परियोजना के रूप में उभर रहा है. जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट क्षेत्र में उद्योग, निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसरों का द्वार खोलने जा रहा है.
नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली बड़ी परियोजना के रूप में उभर रहा है. जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट क्षेत्र में उद्योग, निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसरों का द्वार खोलने जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसके संचालन शुरू होने के बाद NCR और पश्चिमी यूपी के विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी.
एयरपोर्ट निर्माण की घोषणा के बाद से ही गौतमबुद्ध नगर निवेशकों की पहली पसंद बनकर सामने आया है. पिछले पांच सालों में जिले में 1.23 लाख से ज्यादा नए उद्योग पंजीकृत हुए हैं, जिनसे लाखों लोगों को रोजगार मिला है. केंद्र और राज्य सरकार का दावा है कि आने वाले सालों में इस परियोजना के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 70 लाख से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं.
उद्योग और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
नोएडा एयरपोर्ट का सबसे बड़ा प्रभाव औद्योगिक विकास पर देखने को मिल रहा है. गौतमबुद्ध नगर में 350 से ज्यादा कंपनियां निवेश की इच्छा जता चुकी हैं. IT, मोबाइल निर्माण, रियल एस्टेट, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं. इन परियोजनाओं से लगभग ढाई लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है.
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बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी आर्थिक गतिविधियां
एयरपोर्ट को देश के प्रमुख परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के लिए नए एक्सप्रेसवे, मेट्रो कॉरिडोर, नमो भारत रेल और हाई-स्पीड ट्रेन परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है. इससे माल परिवहन आसान होगा और उद्योगों की लागत में भी कमी आएगी. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
निर्यात के क्षेत्र में बनेगा गेम चेंजर
गौतमबुद्ध नगर पहले ही उत्तर प्रदेश के कुल निर्यात में सबसे बड़ा योगदान देता है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद निर्यात में 300 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है. खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण क्षेत्र को इसका बड़ा लाभ मिलेगा. नोएडा में बने उत्पाद पहले से ही कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं.
NCR के अन्य शहरों को भी होगा फायदा
फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों को भी इस परियोजना से लाभ मिलेगा. फरीदाबाद में नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है, जबकि गाजियाबाद के उद्योगों को आधुनिक कार्गो सुविधाओं का फायदा मिलेगा. गुरुग्राम में भी नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के विकास का नया इंजन माना जा रहा है. इसके शुरू होने के साथ ही पश्चिमी यूपी देश के सबसे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है.