नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच बनेगा नया 8 लेन एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक नई महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है.

Pinterest
Meenu Singh

नोएडा: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक नई महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है. यमुना पुस्ते के किनारे प्रस्तावित 8 लेन एक्सप्रेसवे भविष्य में दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकता है. इस परियोजना के पूरा होने से लाखों यात्रियों और उद्योगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

इस संबंध में सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के रूट, कनेक्टिविटी और भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHI) के सलाहकार ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की.

31 किलोमीटर लंबा होगा नया मार्ग

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे सेक्टर-94 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के चाई-4 क्षेत्र तक जाएगा. इसकी कुल लंबाई लगभग 31 किलोमीटर होगी. योजना के तहत मार्ग पर तीन प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक इंटरचेंज विकसित किए जाएंगे, जिससे विभिन्न इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी.


डीएनडी की जगह नया विकल्प

शुरुआत में इस एक्सप्रेसवे को डीएनडी से जोड़ने का विचार था, लेकिन ओखला पक्षी विहार और यमुना के आसपास के पर्यावरणीय क्षेत्रों के कारण तकनीकी चुनौतियां सामने आईं. इसके बाद विशेषज्ञों ने इसे चिल्ला एलिवेटेड रोड से जोड़ने का सुझाव दिया, जिसे अधिक व्यावहारिक माना जा रहा है.

दिल्ली से यमुना एक्सप्रेसवे तक आसान सफर

चिल्ला एलिवेटेड रोड को आगे बारापुला एलिवेटेड रोड और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है. इससे दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो जाएगा.

एयरपोर्ट और विकास परियोजनाओं को मिलेगा लाभ

जेवर एयरपोर्ट के संचालन के बाद क्षेत्र में यात्रियों और वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है. इसी को ध्यान में रखते हुए नई सड़क परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश और आवासीय विकास योजनाओं को समर्थन देने के लिए इस एक्सप्रेसवे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में एनसीआर के यातायात ढांचे को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.