UP में बिजली चोरों की खैर नहीं, घर-घर पहुंचेगी टीम, बड़े अभियान का प्लान तैयार
यूपी में बिजली चोरी की समस्या काफी गंभीर है, जिसे खत्म करने के लिए घर-घर चेकिंग अभियान की तैयारी है. बिजली विभाग जल्द टीमें गठित करेगा. रिपोर्ट के मुताबिक विभाग मुरादाबाद जिले में हर माह 83 लाख रुपये की बिजली चोरी होती है.
उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी चेकिंग को लेकर बड़े अभियान की तैयारी शुरू हो गई है. मुरादाबाद जिले में बिजली विभाग की घर-घर चेकिंग टीमें जल्द ही दरवाजे खटखटाएंगी. पावर कॉरपोरेशन के आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रतिदिन दो लाख अठहत्तर हजार रुपये और हर माह लगभग 83 लाख रुपये की बिजली चोरी हो रही है. इस चौंकाने वाले आंकड़े के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आ गए हैं और कार्यवाही की रणनीति बनाई जा रही है.
बड़े अभियान की तैयारी के तहत बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा. यह टीमें उन इलाकों पर विशेष ध्यान देंगी जहां बिजली चोरी के मामले सबसे अधिक सामने आए हैं. घर-घर चेकिंग अभियान के दौरान बिना अनुमति के लगाए गए कनेक्शन और मीटर से छेड़छाड़ के मामलों पर कड़ी कार्यवाही होगी.
इन इलाकों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी
अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी की समस्या नई नहीं है. इस समस्या को खत्म करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाकर जांच की जाती है. रिपोर्ट के मुताबिक गोड़ियाबाग, घोसी की पुलिया, दौलतबाग, नवाबपुरा, लालबाग, पुराना दसवां घाट, वारसी नगर, मुगलपुरा, बरवलान, सीतापुरी की शिक्षक कॉलोनी, मियां कॉलोनी, जयंतीपुर, रहमतनगर, पीतल बस्ती, असालतपुरा और चक्कर की मिलक इलाके में सबसे ज्यादा बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं.
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सरकारी खजाने को भारी नुकसान
बिजली चोरी से न केवल सरकारी खजाने को भारी नुकसान होता है बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं पर भी इसका बोझ पड़ता है. बिजली चोरी के कारण लाइन में अतिरिक्त दबाव बनता है जिससे बार-बार बिजली कटौती और उपकरण खराब होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस समाचार के अनुसार बिजली चोरी के दोषियों पर पुलिस प्राथमिकी सहित भारी जुर्माने का प्रावधान है.
बिजली चोरी पकड़े जाने पर क्या होती है कार्यवाही?
- बकाया बिजली की वसूली और जुर्माना लगाया जाता है.
- कनेक्शन तुरंत काटा जाता है.
- विद्युत अधिनियम की धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाता है.
- दोबारा कनेक्शन के लिए पूरी राशि जमा करने के बाद ही आवेदन स्वीकार होता है.