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गोरखपुर में संदिग्ध ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, NIA की जांच में सामने आए बड़े सुराग

NIA गोरखपुर में एक संदिग्ध ऑनलाइन नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसके विदेशी हैंडलर से जुड़े होने की आशंका है. जांच में डिजिटल माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और नए लोगों को जोड़ने के प्रयासों की पड़ताल की जा रही है.

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Km Jaya

गोरखपुर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने गोरखपुर में एक संदिग्ध ऑनलाइन नेटवर्क की जांच के दौरान ऐसे डिजिटल गतिविधियों का पता लगाया है, जिनके तार कथित तौर पर विदेश में बैठे एक हैंडलर से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है. जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार करने और नए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा था. 

यह कार्रवाई देशभर में फैले ऐसे संदिग्ध ऑनलाइन नेटवर्क की व्यापक जांच का हिस्सा है. फिलहाल एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही हैं और मामले की हर कड़ी को सावधानी से खंगाल रही हैं.

जांच एजेंसियों ने क्या बताया?

जांच एजेंसियों के अनुसार मामले में सामने आए कुछ संदिग्ध लोग कथित तौर पर विदेश में मौजूद हैंडलर अल हकीम शकूर के संपर्क में थे. जांच में यह आशंका जताई गई है कि भारत में कुछ लोगों को डिजिटल माध्यम से जोड़कर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की विचारधारा का प्रचार करने और उनके लिए समर्थन जुटाने की कोशिश की जा रही थी. एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क का उद्देश्य केवल ऑनलाइन प्रचार तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था.


प्रारंभिक जांच में क्या आया सामने?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संदिग्धों ने "अल मलिक इस्लामिक यूथ" नाम से एक ऑनलाइन ग्रुप बनाया था. जांच एजेंसियों का दावा है कि विदेशी संपर्क बनने के बाद इस ग्रुप की गतिविधियों में तेजी आई. सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नए लोगों तक पहुंच बनाने और उन्हें नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश किए जाने की आशंका है. हालांकि अभी जांच जारी है और एजेंसियां सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी हैं.

क्या-क्या हुआ जब्त?

गोरखपुर के तिवारीपुर क्षेत्र में एक छात्र के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं. इन सभी उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है. इसके साथ ही इंटरनेट गतिविधियों, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और स्थानीय संपर्कों की भी गहन पड़ताल की जा रही है. जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस नेटवर्क की स्थानीय स्तर पर कितनी पहुंच थी और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या रही.

NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं. अधिकारियों के अनुसार फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल विश्लेषण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस नेटवर्क का संबंध देश के अन्य राज्यों से भी था. फिलहाल मामले में जांच जारी है और एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही हैं.