अलीगंज अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन, लखनऊ में 71 कोचिंग सेंटर, होटल और अन्य प्रतिष्ठान सील
अलीगंज अग्निकांड के बाद राजधानी लखनऊ में अग्निसुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है. एलडीए और फायर विभाग की संयुक्त टीमों ने शहरभर में व्यापक जांच अभियान चलाते हुए पहले ही दिन 71 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया. वहीं 83 भवन मालिकों और प्रबंधकों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.
अलीगंज अग्निकांड के बाद राजधानी लखनऊ में अग्निसुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है. आग की घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाया. जांच के दौरान बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम, होटल, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान अग्निसुरक्षा मानकों का पालन करते नहीं पाए गए.
प्रशासन की इस कार्रवाई में पहले ही दिन 71 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया, जबकि 83 भवन मालिकों और प्रबंधकों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
सातों जोन में चला विशेष अभियान
एलडीए ने अपने सभी सात प्रवर्तन जोन में एक साथ निरीक्षण अभियान शुरू किया. इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंभीर खामियां सामने आईं. जांच में पाया गया कि अनेक भवनों में प्रवेश और निकासी के लिए केवल एक ही रास्ता था, जिससे आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरण या तो उपलब्ध नहीं थे या उनकी संख्या अपर्याप्त थी.
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प्रवर्तन जोन छह में जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह के नेतृत्व में हजरतगंज क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया. यहां कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया. अधिकारियों ने संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय में जवाब देने को कहा है.
विभिन्न सेक्टरों में अभियान जारी
प्रवर्तन जोन एक के तहत गोमती नगर के विभिन्न सेक्टरों में अभियान चलाया गया. निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग संस्थानों में अग्निसुरक्षा और भवन मानकों में कमी पाई गई. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नौ कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया. वहीं प्रवर्तन जोन दो में कानपुर रोड योजना और कृष्णानगर क्षेत्र में व्यापक जांच की गई. यहां 16 कोचिंग सेंटरों को सील किया गया, जबकि 16 भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के किसी भी संस्थान को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी.