पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन पर टला बड़ा हादसा! प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच लाइटिंग में शॉर्ट सर्किट से उठा धुआं

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती आज अपना जन्मदिन मना रही हैं. हालांकि इस खास मौके पर पएक बड़ी घटना घटते-घटते बची.

ANI
Shanu Sharma

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज अपना 70वां जन्मदिन मना रही हैं. पार्टी कार्यकर्ता इसे 'जनकल्याणकारी दिवस' के रूप में मना रहे हैं. इस अवसर पर लखनऊ स्थित बसपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक हादसा होते-होते बचा. 

लाइटिंग इक्विपमेंट में शॉर्ट सर्किट होने से धुआं उठने लगा, जिसके कारण मायावती ने प्रेस वार्ता बीच में ही रोक दी. सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति संभाली और अग्निशमन यंत्रों की मदद से धुएं पर काबू पाया. कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन मौके पर मौजूद पत्रकारों और नेताओं में क्षणिक अफरा-तफरी मच गई.

प्रेस कॉन्फ्रेंस ब्राह्मणों को दिया सम्मान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने ब्राह्मण समाज को लेकर स्पष्ट संदेश दिया. उन्होंने कहा कि बसपा ने हमेशा ब्राह्मणों का पूरा सम्मान किया है. ब्राह्मणों को किसी की खैरात या चोखा-बाटी की जरूरत नहीं है, उन्हें सिर्फ सम्मान चाहिए. उन्होंने भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की हालिया बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि ब्राह्मणों को किसी भी पार्टी द्वारा गुमराह नहीं किया जाना चाहिए. जब बसपा की सरकार बनेगी, तो ब्राह्मणों के साथ-साथ क्षत्रिय, जाट, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों का पूरा ख्याल रखा जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार के दौरान कभी कोई मंदिर, मस्जिद या चर्च नहीं तोड़ा गया.

सोशल इंजीनियरिंग का किया जिक्र

मायावती ने 2007 के विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए अपनी सफल 'सोशल इंजीनियरिंग' रणनीति को याद किया. उस समय बसपा ने 86 ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट दिया था, जिनमें से 41 जीते और पार्टी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई. पार्टी का नारा था ब्राह्मण शंख बजाएगा, हाथी आगे बढ़ेगा. उन्होंने हाथी के प्रतीक को और गहराई से समझाते हुए कहा कि हाथी सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश की त्रिमूर्ति का प्रतीक है. अब वे इस तरह की रणनीति को फिर से दोहराने की तैयारी में दिख रही हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा यूपी विधानसभा चुनाव 2027 सहित सभी चुनाव अकेले लड़ेगी. किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा लगातार बसपा आंदोलन को रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही हैं. सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने पुरानी घटनाओं का जिक्र किया, जैसे स्टेट गेस्ट हाउस कांड और दलितों पर अत्याचार. उन्होंने यादव समुदाय का सम्मान करने की बात दोहराई, लेकिन वर्तमान में कानून-व्यवस्था की बदहाली पर चिंता जताई.