लखनऊ में मुहर्रम के जुलूस में शरबत बांटते समय हुआ बड़ा हादसा, बालकनी गिरने से 2 की मौत; 10 लोग घायल
लखनऊ के इटौंजा के महोना इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान जर्जर बालकनी गिरने से अली और अरमान की मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग घायल हो गए. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र के महोना इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया. एक जर्जर बालकनी अचानक गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया.
जानकारी के अनुसार, मुहर्रम का जुलूस महोना क्षेत्र से गुजर रहा था. इसी दौरान एक मकान से लोगों को खाना और शरबत बांटा जा रहा था. बालकनी पर कई लोग खड़े होकर नीचे मौजूद लोगों को खाद्य सामग्री और शरबत दे रहे थे. इसी बीच कुछ लोगों ने खाना लेने के दौरान बालकनी का सहारा लिया, जिससे उस पर भार बढ़ गया. अधिक वजन के कारण पुरानी और जर्जर बालकनी अचानक भरभराकर गिर गई.
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कैसी है वहां की स्थिति?
हादसे में कई लोग बालकनी के मलबे के नीचे दब गए. स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला. बाद में पुलिस और राहत दल भी मौके पर पहुंच गए. सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया.
नगर पार्षद असफाक ने बताया कि हादसे में अली और अरमान की मौत हो गई. डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया. इसके अलावा आठ से दस अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है. कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
डीसीपी नॉर्थ गोपाल कृष्ण चौधरी ने क्या बताया?
डीसीपी नॉर्थ गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि इटौंजा पुलिस को महोना में बालकनी गिरने की सूचना मिली थी. पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बालकनी पर मौजूद लोग मुहर्रम के अवसर पर शरबत बांट रहे थे. इसी दौरान अधिक वजन होने के कारण बालकनी गिर गई और यह हादसा हो गया.
वहां मौजूद लोगों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. बालकनी गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर फंसे लोगों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया.
अधिकारियों का क्या है कहना?
अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि भवन की स्थिति कितनी जर्जर थी और हादसे के पीछे कोई लापरवाही तो नहीं थी. प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं. वहीं इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और मुहर्रम के आयोजन के बीच मातम छा गया.