Lakhimpur Khiri Tank Burst: करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकी भरते ही फटी, धमाके से मची अफरा-तफरी; ग्रामीणों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

लखीमपुर खीरी में जल जीवन मिशन की पानी टंकी फट गई, जिससे ग्रामीणों ने निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और प्रशासन ने जांच के आदेश दिए.

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Anvi Shukla

Lakhimpur Khiri Tank Burst: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के शेखपुर गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी फटने से हड़कंप मच गया. टंकी का निचला हिस्सा फटते ही पानी तेज धार के साथ बाहर निकला और पूरे गांव व खेतों में फैल गया. इस घटना का वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया.

टंकी से निकले पानी ने आसपास के खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया. ग्रामीण रोशन लाल के खेत में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से डूब गई और खराब हो गई. पानी की तेज धार ने टंकी परिसर की दीवार को भी तोड़ दिया.

सोलर पैनल भी हुए बर्बाद

तेज धमाके के साथ फटी टंकी के मलबे ने टंकी परिसर में लगे सोलर पैनल को भी ध्वस्त कर दिया. गनीमत रही कि उस समय टंकी के पास कोई ग्रामीण मौजूद नहीं था, वरना जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था.

ग्रामीणों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है. टंकी के लोहे के चादर की गुणवत्ता बेहद खराब थी और निर्माण कार्य में मानकों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया. ग्रामीणों ने बताया कि कार्यदायी संस्था (बीटीएल) द्वारा साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से टंकी बनाई गई थी और अक्टूबर 2022 में इसका निर्माण शुरू हुआ था.

बिना पूरी जांच के किया गया था निर्माण

ग्राम प्रधान ने बताया कि कार्यदायी संस्था बार-बार पानी की टंकी को हैंडओवर करने का दबाव बना रही थी, लेकिन टंकी अधूरी थी, इसलिए उसे स्वीकार नहीं किया गया. टंकी का निर्माण जल्दबाजी में कराया गया था और अब वही लापरवाही सामने आ गई है. ठेकेदार और संस्था के लोग अब सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं.

अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश

जल निगम के अधिशाषी अभियंता वाईके नीरज ने कहा कि पानी की टंकी अभी तक ऑफिशियली हैंडओवर नहीं की गई थी. इसलिए संस्था को दोबारा काम कराना पड़ेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि टंकी फटने की घटना की पूरी जांच कराई जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी.