बीमा की रकम पाने के लिए करने चले थे पुतले का अंतिम संस्कार, चार सौ बीसी में नपे, अब रहे घर के न घाट के
शव का अंतिम संस्कार होने ही वाला था कि तभी वहां मौजूद एक युवक को कुछ शक हुआ, जैसे ही उसने शव से कफन हटाया उसके होश उड़ गए. शव के स्थान पर चिता पर एक पुतला लेटा हुआ था.
उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर गुरुवार को एक चौंकाने वाली घटना घटी थी. दो युवक एक शव लेकर अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे. शव का अंतिम संस्कार होने ही वाला था कि तभी वहां मौजूद एक युवक को कुछ शक हुआ, जैसे ही उसने शव से कफन हटाया उसके होश उड़ गए. शव के स्थान पर चिता पर एक पुतला लेटा हुआ था. इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया था.
पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरी साजिश बीमा की रकम को प्राप्त करने के लिए रची गई थी. इंस्पेक्टर मनोज कुमार बालियान ने बताया कि दिल्ली के कैलाशपुरी इलाके का रहने वाला कमल सोमानी उत्तम नगर की जैन कॉलोनी के रहने वाले अपने दोस्त आशीष खुराना को साथ लेकर आया था जिसने करोल बाग स्थित अंशुल कुमार पुत्र धर्मराज के अंसारी अस्पताल में निधन होने का बहाना बनाकर उसके शव के स्थान पर एक डमीनुमा पुतले का दाह संस्कार करने का प्रयास किया.
बीमा की रकम पाने के लिए रची थी साजिश
पुलिस के मुताबिक, कमल सोमानी ने पूछताछ में बताया कि वह कपड़े की दुकान करता है और 50 लाख रुपए से अधिक के कर्ज में दबा हुआ है. इस कर्ज को चुकाने के लिए उसने एक साजिश रची.
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अपनी दुकान में काम करने वाले का भाई का किया बीमा, भरी किस्त
उसने कुछ समय पहले अपनी दुकान में काम करने वाले नीरज से बहाना बनाकर उसके भाई अंशुल का आधार और पेनकार्ड मंगा लिया था. अंशुल के दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए उसने एक साल पहले अंशुल का टाटा एआई का इंश्योरेंस करा लिया था. इसके बाद कमल बीमा की नियमित किस्त अदा करने लगा.
अंशुल को मरा दिखाकर बीमा की रकम हड़पने की कोशिश
बीमा की रकम हड़पने के लिए वह अंशुल को मरा हुआ दिखाना चाहता था. कमल ने पुलिस को बताया कि अगर वह पुतले का दाह संस्कार करने में सफल हो जाता तो वह दाह संस्कार के आधार पर बीमा क्लेम लेकर अपना कर्ज चुकता कर देता. हालांकि अब कमल की सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया है और अब वह सलाखों के पीछे चक्की पीसेगा.