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महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में गूंजा महिला सशक्तिकरण का मुद्दा, हेमा मालिनी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

हेमा मालिनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन देश की महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण और भावनात्मक है. उन्होंने कहा कि महिलाएं हमेशा से परिवार और समाज को सशक्त बनाती आई हैं, लेकिन उन्हें वह पहचान नहीं मिल पाती थी जिसकी वे हकदार हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
Prem Kaushik
Reported By: Prem Kaushik
महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में गूंजा महिला सशक्तिकरण का मुद्दा, हेमा मालिनी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
Courtesy: SANSAD TV

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर लोकसभा में चल रही चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली. इसी क्रम में मथुरा से सांसद और हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री हेमा मालिनी ने सदन में अपनी बात रखते हुए इस विधेयक को देश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के संघर्ष, सम्मान और उनके अधिकारों का प्रतीक है.

हेमा मालिनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन देश की महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण और भावनात्मक है. उन्होंने कहा कि महिलाएं हमेशा से परिवार और समाज को सशक्त बनाती आई हैं, लेकिन उन्हें वह पहचान नहीं मिल पाती थी जिसकी वे हकदार हैं. यह विधेयक महिलाओं को अपनी आवाज बुलंद करने और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देगा. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो पूरा समाज उनके साथ आगे बढ़ता है और यह विधेयक आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा.

अपने भाषण के दौरान हेमा मालिनी ने केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना, जन-धन योजना, मिशन शक्ति, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि सरकार ने केवल योजनाएं शुरू ही नहीं कीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू भी किया है. यही कारण है कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं. उन्होंने कहा कि महिलाएं अब अंतरिक्ष से लेकर रक्षा सेवाओं तक में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं. देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं अब नेतृत्व के शीर्ष पदों पर पहुंचकर देश का मार्गदर्शन कर रही हैं.

अपने संबोधन में उन्होंने हिंदी सिनेमा में महिलाओं की भूमिका और उसमें आए बदलावों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि एक समय था जब फिल्म उद्योग में महिलाओं के लिए काम करना बेहद कठिन था, लेकिन मीना कुमारी, नरगिस और मधुबाला जैसी महान अभिनेत्रियों ने अपनी मेहनत से इस धारणा को बदला. उन्होंने अपने करियर के किरदारों का जिक्र करते हुए कहा कि ‘बसंती’ और ‘सीता और गीता’ जैसे पात्रों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी.

भाषण के अंत में हेमा मालिनी ने संगीत जगत की महान गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और यह विधेयक उन्हें और आगे बढ़ने का अवसर देगा.