गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के पास इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की तैयारी तेज, बिजनौर में विकास को मिलेगी नई रफ्तार

गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी तेज हो गई है. बिजनौर के 10 गांवों में किसानों और सरकारी जमीन का चिह्नीकरण पूरा हो चुका है. काम तेज.

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Reepu Kumari

गोरखपुर: बिजनौर में गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे और मेरठ पौड़ी राजमार्ग के आसपास औद्योगिक गलियारे की तैयारी तेज हो गई है. इसके लिए सदर तहसील के दस गांवों में भूमि का अंश निर्धारण पूरा किया जा चुका है. करीब आठ हजार किसानों की पांच सौ हेक्टेयर जमीन और ढाई सौ हेक्टेयर सरकारी भूमि चिन्हित हुई है. जिला प्रशासन जानकारी उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भेजने की तैयारी में है. इससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है. उत्तराखंड की सीमा से लगे बिजनौर में औद्योगिक गतिविधियां अभी अपेक्षाकृत कम हैं. दूसरी ओर, जिले में पर्याप्त जमीन उपलब्ध है. ऐसे में प्रदेश सरकार इस क्षेत्र में औद्योगिक निवेश लाने पर जोर दे रही है. प्रस्तावित गलियारे को सड़क संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है. इसके विकसित होने के बाद उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.

दस गांवों में जमीन का हुआ निर्धारण

औद्योगिक गलियारे के लिए सदर तहसील के दस गांवों का चयन किया गया है. इनमें पपावर खुर्द, इस्लामपुर जलाल, अलीपुर माखन, खाना पट्टी, उलकपुर, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, यूसुफाबाद, किशनपुर और मुंढाला शामिल हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन गांवों में किसानों की जमीन और सरकारी भूमि की स्थिति का निर्धारण किया जा चुका है. जून 2026 में इन गांवों को औद्योगिक गलियारे के लिए चयनित किया गया था. इसके बाद प्रशासन ने जमीन के हिस्से और सरकारी भूमि की पहचान का काम शुरू किया. अब यह प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ भूमि अधिग्रहण की तैयारी की जा रही है.

8 हजार किसानों की जमीन होगी शामिल

अंश निर्धारण के दौरान सामने आया कि चयनित गांवों में 4,243 गाटा संख्या में करीब आठ हजार किसानों की भूमि दर्ज है. इन किसानों की कुल जमीन लगभग पांच सौ हेक्टेयर बताई गई है. इसके अलावा करीब ढाई सौ हेक्टेयर सरकारी भूमि भी चिन्हित की गई है. इस तरह प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए किसानों और सरकारी जमीन का बड़ा हिस्सा उपलब्ध होगा. भूमि संबंधी जानकारी तैयार होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना है.


यूपीडा अधिकारी ने किया निरीक्षण

30 जुलाई को उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के भू अर्जन अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने चयनित गांवों का निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने जमीन से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी ली और अंश निर्धारण का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे. अधिकारी के निरीक्षण के बाद प्रशासनिक स्तर पर काम में तेजी लाई गई. अधिकारियों का लक्ष्य भूमि से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करके आगे की कार्रवाई के लिए भेजना है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद औद्योगिक गलियारे की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

1,175 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित

जिला प्रशासन ने सदर तहसील के मंडावर क्षेत्र में मालन नदी के बाएं किनारे बसे दस गांवों की करीब 1,175 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की थी. इसमें से लगभग 750 हेक्टेयर जमीन के अंश निर्धारण का काम पूरा हो चुका है. इस 750 हेक्टेयर जमीन में करीब पांच सौ हेक्टेयर भूमि किसानों की है. बाकी जमीन सरकारी हिस्से में आती है. भूमि का निर्धारण पूरा होने के बाद संबंधित जानकारी को औद्योगिक विकास प्राधिकरण के पास भेजने की तैयारी है.

उद्योग बढ़े तो युवाओं को मिलेगा रोजगार

प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा बिजनौर के लिए विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सड़क संपर्क और उपलब्ध जमीन के कारण यहां उद्योग स्थापित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. इससे स्थानीय कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है. औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं. इससे जिले के युवाओं को काम के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है. प्रशासन की ओर से फिलहाल भूमि संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.