राष्ट्र की सुरक्षा, संप्रभुता और भविष्य से समझौता नहीं! जनसंख्या नियंत्रण कानून अब और टालना देशहित के खिलाफ: गोपाल राय

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने केंद्र सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग की है. उन्होंने बढ़ती आबादी से संसाधनों और रोजगार पर पड़ रहे दबाव का हवाला दिया.

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लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने केंद्र सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती आबादी के कारण संसाधनों, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आंतरिक सुरक्षा पर दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में इस मुद्दे को केवल चर्चा तक सीमित रखने के बजाय सरकार को व्यापक और संवैधानिक नीति बनाकर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए.

गोपाल राय ने देश में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की कानूनी स्थिति की जांच निर्धारित कानूनों के तहत होनी चाहिए. साथ ही, भारतीय नागरिकों के दस्तावेजों का सत्यापन भी पारदर्शी और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए. सीमा सुरक्षा, दस्तावेजों की जांच और प्रभावी प्रशासन के जरिए संभावित चुनौतियों से समय रहते निपटने की जरूरत है.

फ्रांस की घटनाओं का दिया उदाहरण

गोपाल राय ने फ्रांस में प्रवासन, शरणार्थियों और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए भारत को सतर्क रहने की बात कही. उन्होंने कहा कि हिंसा, आगजनी, लूटपाट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं किसी भी देश के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं.


उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी स्थिति का इंतजार नहीं करना चाहिए, जिसमें आम नागरिक अपनी दुकानों, संपत्तियों और परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हों. उनके मुताबिक, मानवीय संवेदनशीलता और कानून के शासन के बीच संतुलन जरूरी है, लेकिन कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.

विपक्ष की भूमिका पर भी उठाए सवाल

गोपाल राय ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता और देश की संप्रभुता जैसे विषयों पर जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं.

उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए देश की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को कमजोर करने वाली गतिविधियों का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने विदेशी हस्तक्षेप की आशंका या लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित करने के प्रयासों की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की.

जनसंख्या नियंत्रण को लेकर ठोस नीति की मांग

गोपाल राय ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए स्पष्ट, प्रभावी और संवैधानिक नीति तैयार कर उसे लागू करने की दिशा में जल्द फैसला लिया जाना चाहिए. उन्होंने बढ़ती आबादी से संसाधनों पर पड़ने वाले दबाव, रोजगार और सार्वजनिक सेवाओं की जरूरतों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही.

उन्होंने सरकार से विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन को प्रभावी बनाने, अवैध रूप से रह रहे लोगों के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई करने और सीमा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की.

बोले- राष्ट्रहित सर्वोपरि

गोपाल राय ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण, सीमा सुरक्षा और नागरिकों की पहचान जैसे मुद्दों को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. सरकार को इन विषयों पर ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और केंद्र सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून की दिशा में तत्काल पहल करनी चाहिए. साथ ही, विदेशी नागरिकों के सत्यापन की व्यवस्था मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की जरूरत है.