गाजियाबाद में 48 वर्षीय दुकानदार की नाली में गिरकर मौत, स्कूटी पर रखी बाल्टी से बिगड़ा संतुलन
गाजियाबाद के सिहानी गेट में रविवार रात 48 वर्षीय दुकानदार शंकर लाल गर्ग स्कूटी से नाली में गिर गए. स्कूटी पर रखी बाल्टी के कारण संतुलन बिगड़ा. अस्पताल पहुंचने पर मौत हो गई. पोस्टमार्टम के बाद जांच जारी है.
गाजियाबाद के सिहानी गेट इलाके में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया. 48 वर्षीय दुकानदार शंकर लाल गर्ग अपनी स्कूटी से नाली में गिर गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई. राहगीर ने स्कूटी को सड़क किनारे पड़ा देखा और पास की नाली में बेहोश व्यक्ति को पाया.
लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने जांच शुरू की है और प्रारंभिक जांच में स्कूटी पर रखी बाल्टी को हादसे का कारण बताया जा रहा है. परिवार सदमे में है.
हादसे की जानकारी कैसे मिली
एक राहगीर मोहन नगर से आ रहा था. उसने सड़क किनारे स्कूटी पड़ी देखी, जिसकी हेडलाइट जल रही थीं. संदेह होने पर उसने आसपास देखा तो होटल के सामने नाली में एक व्यक्ति बेहोश पड़ा मिला. उसने तुरंत लोगों की मदद ली और पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल को एमएमजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
शव की पहचान और परिवार का बयान
स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबर से मृतक की पहचान शंकर लाल गर्ग के रूप में हुई. वे दसना गेट क्षेत्र के पाक्की मोड़ी निवासी थे. परिवार ने बताया कि शंकर लाल रोज रात को दुकान बंद करने के बाद कचरा फेंकते और श्री केसरी माता मंदिर जाते थे. उसी दिन भी वे इसी रूटीन में घर से निकले थे. परिवार का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई खतरा नहीं दिखा था.
पुलिस जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष
सीनियर अधिकारी और एसीपी ने मौके का निरीक्षण किया. आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन किसी अन्य वाहन से टक्कर के सबूत नहीं मिले. स्कूटी की जांच में भी कोई टक्कर के निशान नहीं पाए गए. पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि स्कूटी पर रखी प्लास्टिक की बाल्टी के कारण संतुलन बिगड़ा और स्कूटी नाली की ओर मुड़ गई. शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
परिवार में शोक, जांच जारी
परिवार वाले सदमे में हैं. शंकर लाल एक छोटी दुकान चलाते थे और परिवार का मुख्य सहारा थे. पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है. आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है. अगर कोई नया सुराग मिलता है तो मामले की दिशा बदल सकती है. फिलहाल हादसे को दुर्घटना माना जा रहा है. स्थानीय लोग सड़क किनारे नालियों को ढकने की मांग कर रहे हैं.
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