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गाजियाबाद फर्जी एनकाउंटर मामला: 16 पुलिसकर्मियों पर हत्या की याचिका स्वीकार, CJM कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

गाजियाबाद के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में CJM कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए थाना वेवसिटी से 30 मई 2026 तक रिपोर्ट तलब की है.

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Dhiraj Kumar Dhillon

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में फर्जी एनकाउंटर को लेकर बड़ा कानूनी मामला सामने आया है. सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की गाइडलाइन के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दो युवकों की कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या के मामले में सीजेएम कोर्ट गाजियाबाद में याचिका दायर की गई है. याचिका में 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। अधिवक्ता खालिद खान ने बताया कि मामले में कोर्ट ने गाजियाबाद के वेव सिटी थाना पुलिस से 30 मई तक रिपोर्ट तलब की है. 

विजयनगर निवासी रुखसाना ने दायर की याचिका

गाजियाबाद के विजयनगर निवासी रुखसाना की ओर से दायर की गई याचिका में थाना वेव सिटी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और सिहानीगेट के थानाप्रभारियों समेत 16 पुलिसकर्मियों को नामजद करने की मांग की गई है. कोर्ट के समक्ष दिए गए प्रार्थना पत्र में रुखसाना ने बताया कि 11 मई, 2026 को उसके पति हाजी तौसिन और घर में खड़ी बलेनो कार को क्रॉसिंग रिपब्लिक थानाध्यक्ष श्वेता सिंह व पुलिसकर्मी जबरन थाने ले गए.

रुखसाना का आरोप है कि पुलिस ने मेरे पुत्र सुहैब को थाने में पेश करने पर ही तौसिन को छोड़ने की बात कही थी. रुखसाना ने आरोप लगाया है कि 12 मई, 2026 को निशा, नसरीन, जुबैर व फिरोज को थाने में सुहैब को पूछताछ कराने ले गए. लेकिन पुलिस ने सुहैब के साथ जुबैर व फिरोज को भी हवालात में बंद कर दिया. उसके बाद पुलिस ने तौसिन को छोड़ दिया लेकिन तौसिन का मोबाइल और बलेनो कार वापस नहीं की. 

दो अन्य को अवैध हिरासत में रखने का आरोप

रुखसाना ने आरोप लगाया है कि क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस ने हिरासत में लिए गए तीनों लड़कों को वेवसिटी थाना पुलिस की अवैध हिरासत में दे दिया. जहां रात में जुबैर और समीर खान को स्वाट टीम के साथ तीनों थानों की पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने बिना विवेचना के ही पांच दिन में जुबैर पर एक लाख रुपये का ईनाम घोषित दिखा दिया.

रुखसाना का आरोप है कि सुहैब और फिरोज को भी अवैध हिरासत में रखा गया है. मुझे आशंका है कि उन दोनों की भी पुलिस फर्जी एनकाउंटर में हत्या कर दे. अधिकारियों को शिकायत भेजे जाने पर भी कोई कार्रवाई न होने पर रुखसाना ने अदालत का रुख करने की बात कही है.