'एक पेड़ मां के नाम' अभियान शुरू, उत्तर प्रदेश में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश में 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान के तहत एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से प्रकृति संरक्षण के इस जनअभियान में भागीदारी की अपील की है.

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Meenu Singh

उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान शुरू करने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. इस अभियान में कई सरकारी विभाग मिलकर काम करेंगे. साथ ही किसानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी.

गोरखपुर से होगा महाअभियान का शुभारंभ

राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने एक्स अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अभियान का शुभारंभ गोरखपुर से किया जाएगा. उन्होंने वृक्षारोपण को ईश्वरीय कार्य बताते हुए कहा कि यह प्रकृति की सेवा, मानवता के प्रति समर्पण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प है.

26 विभाग मिलकर निभाएंगे जिम्मेदारी

सरकार के अनुसार इस अभियान में 26 राजकीय विभाग संयुक्त रूप से भाग लेंगे. प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण की तैयारी पूरी कर ली है. विभागों के समन्वय से बड़े स्तर पर पौधे लगाए जाएंगे ताकि पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके.


कई विशेष कार्यक्रम भी होंगे आयोजित

वृक्षारोपण अभियान के दौरान पवित्र त्रिवेणी रोपण, विकास वाटिका की स्थापना और मौलश्री के पौधों का रोपण भी किया जाएगा. इसके साथ ही कार्बन क्रेडिट योजना से जुड़े किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को विकास और कृषि से जोड़ना है.

जनभागीदारी पर रहेगा सबसे अधिक जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं. सरकार का मानना है कि जब आम लोग इस अभियान से जुड़ेंगे, तभी हरित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तेजी से पूरा होगा. यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

हरित भविष्य की ओर बड़ा कदम

सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा. पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि व्यापक जनसहभागिता के माध्यम से उत्तर प्रदेश को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार राज्य के रूप में विकसित किया जाए.