'प्रदेश में बंद करना है तंबाकू का इस्तेमाल', डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा- जानलेवा है गुटखा-सिगरेट

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सातवें राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. इसमें उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और तंबाकू के उपयोग को पूरी तरह रोकने पर जोर दिया. उन्होंने स्वास्थ्य जोखिमों पर बात की और युवाओं को बचाने की अपील की.

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Kanhaiya Kumar Jha

रायबरेली: भारत में तंबाकू का सेवन एक बड़ी समस्या बना हुआ है, जो लाखों लोगों की जान ले रहा है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चल रहे सातवें राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण सम्मेलन में इस मुद्दे पर गहन चर्चा हो रही है. शुक्रवार दोपहर को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया. उन्होंने तंबाकू से होने वाली बीमारियों जैसे कैंसर, दिल का दौरा और मस्तिष्क रक्तस्राव पर प्रकाश डाला. साथ ही, देश भर में 27 करोड़ लोगों के तंबाकू सेवन के आंकड़ों को चुनौतीपूर्ण बताया. इस सम्मेलन का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और नशा मुक्ति की दिशा में कदम बढ़ाना है. विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए. 

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दीप जलाकर सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस मौके पर बड़ी स्क्रीन पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का संदेश सुनाया गया. सभी ने इसे ध्यान से सुना. इसके अलावा, 'टोबैको फ्री टाइम्स' नामक स्मारिका का विमोचन किया गया, जिसमें तंबाकू नियंत्रण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है. यह स्मारिका विशेषज्ञों और प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई थी.

छात्रों का सम्मान

सम्मेलन में तंबाकू नियंत्रण से संबंधित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया. इन प्रतियोगिताओं में पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन और जागरूकता अभियान शामिल थे. उपमुख्यमंत्री ने छात्रों की सराहना की और कहा कि युवा पीढ़ी इस अभियान की रीढ़ है. इन पुरस्कारों से छात्रों में उत्साह बढ़ा और वे आगे भी ऐसे प्रयास जारी रखने को प्रेरित हुए. 

उपमुख्यमंत्री का संबोधन

ब्रजेश पाठक ने अपने भाषण में प्रदेशवासियों से तंबाकू उत्पादों का त्याग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए घातक है और इससे गंभीर रोग होते हैं. देश में 27 करोड़ लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, जो एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने युवाओं को इससे दूर रखने पर बल दिया और कहा कि हमें सामूहिक प्रयास से इस समस्या का समाधान करना होगा.

विशेषज्ञों के विचार

उप अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. अविनाश ने कहा कि तंबाकू हर रूप में हानिकारक है, इसलिए खुद बचें और दूसरों को भी बचाएं. राष्ट्रीय सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. पीसी गुप्ता ने तंबाकू के सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की. कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने बताया कि गांवों में शिविर आयोजित कर लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. ये शिविर जागरूकता फैलाने में कारगर साबित हो रहे हैं.