'देश की रक्षा करूं या परिवार की?', LoC पर जवान की दर्दभरी गुहार; पुलिस जांच में खुली पूरी कहानी

देवरिया के रहने वाले LoC पर तैनात जवान वीर बहादुर सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने परिवार और जमीन को लेकर मदद की गुहार लगाई है. जवान ने भू माफिया पर जमीन कब्जाने और परिवार से मारपीट का आरोप लगाया था.

AI
Babli Rautela

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले और नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात फौजी वीर बहादुर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में जवान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाते हुए अपनी जमीन पर कब्जे और परिवार के साथ मारपीट के आरोप लगाए हैं. जवान ने भावुक होकर यहां तक कह दिया कि वह सीमा पर देश की रक्षा करे या देवरिया में अपने परिवार की चिंता करे. हालांकि, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच कर इसे भू-माफिया से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि पुश्तैनी मकान और पारिवारिक बंटवारे का विवाद बताया है.

वायरल वीडियो में जवान ने सुनाई आपबीती

वीर बहादुर सिंह ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बताया कि वह एलओसी पर देश की सेवा में तैनात हैं. उनके घर पर बुजुर्ग माता-पिता, गर्भवती बहन और छोटी बहन रहती हैं. जवान का आरोप है कि उनके चाचा परिवार के साथ मारपीट करते हैं और उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. जवान ने बताया कि वह 17 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री से मुलाकात भी कर चुके हैं और सेना की ओर से मामले को लेकर दो बार पत्र भेजे जा चुके हैं. इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से वह बेहद परेशान हैं.

भावुक जवान ने वीडियो में कहा कि उनके सामने ऐसी स्थिति है कि वह समझ नहीं पा रहे कि सीमा पर देश की रक्षा करें या अपने परिवार को बचाने के लिए घर लौटें. गुस्से और निराशा में उन्होंने भू-माफिया को गोली मारने या खुद को गोली मार लेने तक की बात कह दी.


पुलिस जांच में सामने आई अलग कहानी

वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने जांच शुरू की. सलेमपुर के क्षेत्राधिकारी गौरव सिंह ने जांच के बाद बताया कि पूरा मामला देवरिया के चुरिया गांव में स्थित पुश्तैनी मकान और जमीन के बंटवारे से जुड़ा है. पुलिस के अनुसार, वीर बहादुर सिंह के पिता राजा सिंह और उनके दो भाई रामनारायण सिंह और सुग्रीव सिंह का पुश्तैनी मकान है. तीनों भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था.

31 दिसंबर 2025 को इस विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई थी. पंचायत में राजा सिंह और रामनारायण सिंह ने अपने हिस्से की जमीन तीसरे भाई सुग्रीव सिंह को देने का फैसला किया. इसके बदले एक निश्चित रकम तय की गई थी. पुलिस के मुताबिक, समझौते के तहत तय रकम का एक हिस्सा वीर बहादुर सिंह के बैंक खाते में भी भेजा गया था. समझौते में यह तय हुआ था कि मकान खाली करने के बाद बाकी रकम का भुगतान किया जाएगा.

घर खाली करने को लेकर बढ़ा विवाद

पुलिस का कहना है कि बाद में जवान के पिता राजा सिंह ने समझौते के अनुसार मकान खाली करने से इनकार कर दिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया. फिलहाल सुग्रीव सिंह पुराने मकान को गिराकर वहां नया निर्माण करा रहे हैं, जबकि राजा सिंह मकान के आगे वाले कमरे में रह रहे हैं. इसी संपत्ति विवाद को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 26 फरवरी 2026 को दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी. इस घटना के संबंध में थाना लार में मुकदमा अपराध संख्या 61/26 दर्ज किया गया था. पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट भी दाखिल कर दी है.