राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट, आरोपित अविनाश शुक्ल की 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर; पैतृक निवास स्थान में होगी छानबीन

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष अदालत ने आरोपित अविनाश शुक्ल की 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी है. पुलिस अब उसे प्रतापगढ़ ले जाकर पूछताछ और संभावित बरामदगी की कार्रवाई कर सकती है.

Pinterest
Km Jaya

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच कर रही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण रजत वर्मा ने मुख्य आरोपित अविनाश शुक्ल की 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी है. रिमांड मिलने के बाद पुलिस अब आरोपित को उसके पैतृक निवास प्रतापगढ़ ले जाकर मामले से जुड़े अहम साक्ष्य और अन्य सामान की तलाश कर सकती है. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं.

जांच के दौरान अब तक सबसे अधिक बरामदगी अविनाश शुक्ल के पास से हुई है. पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से अमेरिकी डॉलर और कई कीमती जेवरात बरामद किए गए हैं. इसी आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि प्रतापगढ़ स्थित उसके पैतृक घर और अन्य संभावित ठिकानों की तलाशी के दौरान मामले से जुड़े और भी सबूत मिल सकते हैं.

क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने क्या कहा?

बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान विवेचक और क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने अदालत में पुलिस रिमांड की अर्जी दाखिल की थी. पुलिस ने अदालत से कहा कि मामले की गहराई से जांच और बरामदगी के लिए आरोपित से पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ जरूरी है. इसके साथ ही आरोपित अविनाश शुक्ल ने भी अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए अधिवक्ता नियुक्त करने का अनुरोध किया था, जिस पर सुनवाई के लिए गुरुवार की तारीख तय की गई थी.


अदालत में पुलिस रिमांड का क्यों किया गया विरोध?

गुरुवार को सुनवाई के दौरान आरोपित की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल कुलशेखर सिंह ने अदालत में पुलिस रिमांड का विरोध किया. उन्होंने दलील दी कि विवेचक ने पुलिस अभिरक्षा की मांग के लिए कोई स्पष्ट और ठोस कारण अदालत के सामने प्रस्तुत नहीं किया है. उनका कहना था कि केवल सामान्य आधार पर पुलिस रिमांड नहीं दी जानी चाहिए.

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही चोरी की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और बरामद सामान से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे. मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी.