'राष्ट्र प्रतीकों का अपमान अब नहीं चलेगा', लखनऊ में तिरंगा यात्रा के बीच CM योगी की हुंकार
80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले लखनऊ में आयोजित तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर जोर दिया.
लखनऊ: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी लखनऊ में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर देशभक्ति का संदेश दिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं की ऊर्जा और उनकी भूमिका को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने की क्षमता युवा पीढ़ी में है और इस ऊर्जा को सही दिशा देने की जरूरत है.
तिरंगा यात्रा में 25 से 30 हजार से अधिक युवाओं के शामिल होने की बात कही गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है, ऐसे में यह आयोजन राष्ट्र के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए राष्ट्रहित से जुड़े फैसलों का उल्लेख किया और राष्ट्रीय ध्वज को हर घर तक पहुंचाने की बात कही.
लखनऊ में उमड़ी युवाओं की भीड़
तिरंगा यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में युवा राष्ट्रीय ध्वज के साथ नजर आए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भागीदारी को राष्ट्र के प्रति लोगों की भावना से जोड़ते हुए कहा कि कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी देश के प्रति कृतज्ञता को दर्शाती है. उन्होंने युवाओं को देश की ताकत बताते हुए कहा कि उनमें हर चुनौती का सामना करने की क्षमता मौजूद है. सीएम योगी ने कहा कि युवा शक्ति को आगे बढ़ने के लिए सही मंच मिलना जरूरी है. उनके मुताबिक, युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करने से देश के विकास को गति मिल सकती है. तिरंगा यात्रा इसी भावना के साथ आयोजित किए जाने की बात कही गई.
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ध्वज संहिता में बदलाव का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ध्वज संहिता में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पहले घर पर तिरंगा फहराने को लेकर लोगों के सामने कई तरह की पाबंदियां थीं. उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नियमों में बदलाव के बाद आम नागरिकों के लिए अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना आसान हुआ है. योगी आदित्यनाथ ने तिरंगे को देश की सादगी, विकास और समृद्ध विरासत का प्रतीक बताया. उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की. उनका कहना था कि तिरंगा केवल एक झंडा नहीं, बल्कि देश की पहचान और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा प्रतीक है.
राष्ट्र प्रतीकों के सम्मान पर सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्रीय प्रतीकों और महापुरुषों के सम्मान को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. इसी दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रहित और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना को प्राथमिकता दी जा रही है. सीएम योगी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में रहकर देश के प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा.
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पुराने शासन का जिक्र करते हुए ध्वज संहिता को लेकर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि पहले लोगों को अपने घरों पर तिरंगा लगाने के अधिकार के लिए अदालतों तक जाना पड़ता था. उनके अनुसार, मौजूदा सरकार ने नियमों में बदलाव कर आम नागरिकों को अपने घर पर तिरंगा फहराने का अवसर दिया. योगी ने कहा कि यह बदलाव राष्ट्रीय ध्वज को आम लोगों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने तिरंगे को देश की एकता, विकास और विरासत से जोड़ते हुए लोगों से इसके सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की.
‘हर घर तिरंगा’ के लिए की अपील
स्वतंत्रता दिवस से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से पहले हर घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए और लोगों के मन में तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना मजबूत हो. तिरंगा यात्रा के जरिए भी लोगों को इसी संदेश से जोड़ने की कोशिश की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने दायित्व और सम्मान को याद करने का अवसर भी है. उन्होंने युवाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया.