अब सीएम योगी के हाथ में UPEIDA की कमान, धड़ाधड़ बनेंगे हाइवे-एक्सप्रेसवे, जानें क्या है इसके मायने?
UPEIDA की स्थापना एक्सप्रेसवे बनाने, औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने, लॉजिस्टिक्स हब और संबंधित विकास कार्यों के लिए हुई थी. यह सिर्फ सड़क नहीं बनाता, बल्कि सड़क के किनारे उद्योग, गोदाम, निवेश केंद्र और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है. एक्सप्रेसवे अब यूपी में आर्थिक विकास का बड़ा इंजन बन चुके हैं.
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की कमान सीधे अपने हाथ में ले ली है. इस फैसले से प्रदेश में बड़े एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. काम में देरी कम होगी और परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी.
सीएम योगी के हाथ में UPEIDA की कमान
UPEIDA को 'नवरत्न' की तरह माना जाता है. पिछले 10 वर्षों में इसने उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई है. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स UPEIDA ने ही पूरा किए हैं. अब सीएम योगी खुद इसकी समीक्षा करेंगे और जरूरी फैसले लेंगे.
UPEIDA क्या करता है?
UPEIDA की स्थापना एक्सप्रेसवे बनाने, औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने, लॉजिस्टिक्स हब और संबंधित विकास कार्यों के लिए हुई थी. यह सिर्फ सड़क नहीं बनाता, बल्कि सड़क के किनारे उद्योग, गोदाम, निवेश केंद्र और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है. एक्सप्रेसवे अब यूपी में आर्थिक विकास का बड़ा इंजन बन चुके हैं.
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सीएम योगी के हाथ में कमान संभालने से क्या फायदा?
परियोजनाओं में तेजी आएगी
प्रशासनिक देरी कम होगी
बेहतर निगरानी और समन्वय बनेगा
गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बचे काम जल्द पूरे होंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी इन प्रोजेक्ट्स की लगातार समीक्षा करते रहे हैं. गंगा एक्सप्रेसवे के काम का उन्होंने खुद जमीनी जायजा लिया था. अब सीधे कमान संभालने से फैसले लेने में तेजी आएगी और अधिकारी ज्यादा जवाबदेह होंगे. यह बदलाव 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर सरकार के फोकस को दिखाता है. सरकार का लक्ष्य है कि यूपी में विश्व स्तरीय सड़क नेटवर्क बने, जिससे निवेश बढ़े, रोजगार मिले और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो.
UPEIDA के पास अभी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चल रही हैं. सीएम के नेतृत्व में इनमें तेजी आने से ग्रामीण और शहरी इलाकों दोनों को फायदा होगा. बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों को उनकी उपज के अच्छे दाम मिल सकेंगे और उद्योगों को आसान परिवहन सुविधा मिलेगी. नए फैसले से यूपी में हाईवे और एक्सप्रेसवे निर्माण की गति और बढ़ने वाली है.