अयोध्या और काशी के बाद अब तामेश्वरनाथ धाम की बारी, बैजूनाथ धाम को भी मिलेगी नई पहचान; योगी सरकार का बड़ा ऐलान
योगी सरकार ने संत कबीर नगर के तामेश्वरनाथ धाम और बैजूनाथ धाम को अयोध्या और काशी की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा की है. चलिए जानते हैं तामेश्वरनाथ धाम को लेकर क्या है प्लानिंग.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ विकास को नई दिशा देने की तैयारी में है. अब सरकार अयोध्या, काशी और विंध्याचल की तर्ज पर संत कबीर नगर स्थित बाबा तामेश्वरनाथ धाम और बाबा बैजूनाथ धाम का भी भव्य विकास करेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत कबीर नगर दौरे के दौरान तामेश्वरनाथ धाम के लिए कॉरिडोर बनाने की घोषणा की. उनका कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र की धार्मिक पहचान मजबूत होगी और विकास को नई गति मिलेगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को संत कबीर नगर और गोरखपुर में 475 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 139 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार तामेश्वरनाथ धाम का विकास उसी तरह करेगी, जैसे अयोध्या, वाराणसी और विंध्याचल के मंदिर परिसरों का पुनर्विकास किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कॉरिडोर धाम को नई पहचान देगा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
सीएम ने आगे क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल तामेश्वरनाथ धाम ही नहीं, बल्कि बाबा बैजूनाथ धाम सहित क्षेत्र के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास की भी योजना पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आस्था का सम्मान नहीं है, बल्कि उन पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता भी है जिन्होंने इन धार्मिक धरोहरों की स्थापना की थी.
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प्रस्तावित कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सड़क, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सरकार का उद्देश्य इन स्थलों को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या धाम और मां विंध्यवासिनी धाम की तरह यहां भी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा.
पूर्वांचल के विकास को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुवार को शुरू की गई विकास परियोजनाओं में धनघटा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 225 करोड़ रुपये और खजनी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 251 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं. उन्होंने पूर्वांचल के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है और इससे निवेश तथा रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं.
सीएम योगी ने यह भी बताया कि रामसर सूची में शामिल बखिरा झील को इको टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. साथ ही नए कॉलेज, पॉलिटेक्निक और कौशल विकास संस्थानों के जरिए शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है. उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य आस्था, पर्यटन और विकास को एक साथ आगे बढ़ाना है ताकि क्षेत्र के लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके.