सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभकामनाएं, कहा- सनातन संस्कृति की प्रतीक है यह पर्व

योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में रथ यात्रा को सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और लोक कल्याण का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति हमें एकता और भाईचारे का संदेश देती है.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की प्रसिद्ध रथ यात्रा के शुभारंभ पर प्रदेश व देशवासियों को बधाई दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस पर्व को सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया.

सीएम योगी ने दी जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभकामनाएं

सीएम योगी ने अपने ट्वीट में लिखा- 'सनातन संस्कृति की अगाध आस्था, सामाजिक समरसता व लोकमंगल की पावन प्रतीक, महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की 'रथ यात्रा' के शुभारंभ की सभी श्रद्धालुओं को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं.'


उन्होंने आगे प्रार्थना करते हुए कहा- 'महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी, श्री बलभद्र जी एवं माता सुभद्रा जी की कृपा-दृष्टि चराचर जगत पर बनी रहे. सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का वास हो, यही प्रार्थना है. जय जगन्नाथ.'

रथ यात्रा का महत्व

हर साल आषाढ़ माह में ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की रथ यात्रा निकाली जाती है. इस दिन तीनों देवता अपने विशाल रथों पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर जाते हैं. मान्यता है कि इस यात्रा में शामिल होने और रथ की रस्सी खींचने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है. इस पर्व को देशभर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में भी जगन्नाथ मंदिरों में रथ यात्रा का आयोजन होता है. लाखों श्रद्धालु इस दिन भगवान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

सीएम योगी ने बताया लोकमंगल का प्रतीक

योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में रथ यात्रा को सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और लोक कल्याण का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति हमें एकता और भाईचारे का संदेश देती है. जगन्नाथ जी की यात्रा में जाति, वर्ग और समुदाय से ऊपर उठकर सभी लोग एक साथ रथ खींचते हैं. यही भारत की संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है.