‘2017 से पहले पुलिस भी सुरक्षित नहीं थी…’ CM योगी ने 930 पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटरों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम की तारीफ करते हुए कहा कि पहले आईएएस अधिकारी आईपीएस को इतना दबाते थे कि फाइलें बंद हो जाती थीं तो खुलती ही नहीं थीं.

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Shilpa Srivastava

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर चयनित 930 युवाओं को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे. इस मौके पर उन्होंने पुलिस विभाग में 2017 के बाद हुए बड़े बदलावों पर विस्तार से चर्चा की.

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले पुलिस की स्थिति बहुत खराब थी. हर दूसरे-तीसरे दिन दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू लगा रहता था. आईपीएस अधिकारी भी सुरक्षित नहीं थे. उन्होंने याद दिलाया कि मुरादाबाद में डीआईजी स्तर के अधिकारी को घेरकर मारा गया था. उन्होंने कहा, “जब आईपीएस अधिकारी सुरक्षित नहीं था तो आम नागरिक, महिला और व्यापारी कैसे सुरक्षित रह सकता था?”

“यमराज भी आ जाए तो…”- सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम की तारीफ करते हुए कहा कि पहले आईएएस अधिकारी आईपीएस को इतना दबाते थे कि फाइलें बंद हो जाती थीं तो खुलती ही नहीं थीं. हंसते हुए बोले, “यमराज भी आ जाए तो फाइल नहीं मिलती थी.” अब पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने से अधिकार आईपीएस अधिकारियों को मिल गए हैं. उन्होंने बताया कि सात जिलों में यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है.


पुलिस सुधार और नई सुविधाएं:

सीएम योगी ने कहा कि अब पुलिस का इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत बेहतर हो गया है. 56 जिलों में सबसे ऊंची बिल्डिंग पुलिस बैरक की है. पहले ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों जाना पड़ता था, अब यूपी में ही बड़ी ट्रेनिंग व्यवस्था हो गई है. पहले 17 हजार की ट्रेनिंग क्षमता थी, अब 60 हजार हो गई है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब 25 फॉरेंसिक लैब हैं और हर जिले में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट है. पहले केवल 4 लैब थीं. साइबर थाना हर जिले में शुरू हो गए हैं.

सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि अब भर्ती पूरी तरह पारदर्शी है. कोई सिफारिश नहीं, कोई भेदभाव नहीं. हाल ही में पुलिस आरक्षी और होमगार्ड भर्ती भी निष्पक्ष तरीके से हुई है. उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में यूपी में 9 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं. युवाओं को अब यूपी में ही रोजगार मिल रहा है. निवेश बढ़ रहा है क्योंकि सुरक्षा का माहौल बेहतर है.