चंपत राय का इस्तीफा, कृष्ण मोहन को कमान...राम मंदिर ट्रस्ट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें
राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर कर कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया. ट्रस्ट ने दान की वस्तुएं सुरक्षित होने का दावा करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा.
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए. ट्रस्ट ने पूर्व आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि यह बैठक पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन दान चोरी विवाद के बाद इसे 6 जुलाई को ही बुलाया गया. बैठक में ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्यों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया तथा कई अहम प्रशासनिक फैसले लिए गए.
'दान चोरी की घटना से आहत होकर दिया इस्तीफा'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि ट्रस्ट इस घटना से बेहद दुखी है. उनके अनुसार, चंपत राय का मानना था कि जब तक मामले में पूरी सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका पद पर बने रहना उचित नहीं होगा. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार इस्तीफा सौंपते ही वह प्रभावी माना जाता है. इसलिए नियमों के तहत उसे स्वीकार किया गया. ट्रस्ट ने चंपत राय के लंबे योगदान की सराहना करते हुए उनके कार्यों के लिए आभार भी व्यक्त किया.
कृष्ण मोहन को नई जिम्मेदारी, सीईओ चयन के लिए समिति
ट्रस्ट ने पूर्व आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया है. कृष्ण मोहन ने ही दान चोरी मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी. बैठक में ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव उर्फ गोपाल नागरकटे को हटाने का भी फैसला लिया गया. साथ ही ट्रस्ट के लिए नए सीईओ के चयन हेतु तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत और परमाणु वैज्ञानिक जनरल सुरेश हावड़े शामिल हैं.
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दान की 2,800 वस्तुएं सुरक्षित
स्वामी गोविंद देव गिरी ने दान में मिली कीमती वस्तुओं के गायब होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रस्ट के पास 2,800 वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है और सभी सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि दान चोरी मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि बैंक की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं.
विपक्ष पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का इस्तेमाल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए कर रहे हैं. ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी, जिसमें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और नए प्रशासनिक फैसलों पर चर्चा की जाएगी.