आगरा में विदेशी मेहमानों को भाया ताजमहल का जादू, एक घंटे तक निहारते रहे खूबसूरती
ब्रिक्स देशों की बैठक में शामिल होने आए प्रतिनिधियों ने आगरा में ताजमहल का भ्रमण किया. विदेशी मेहमानों ने स्मारक की वास्तुकला, पच्चीकारी और इतिहास को करीब से जाना और इसकी भव्यता की सराहना की.
आगरा में आयोजित ब्रिक्स देशों की पहली एमएसएमई फोरम और वर्किंग ग्रुप की तीसरी एसएमई बैठक में शामिल होने आए विदेशी प्रतिनिधियों ने शनिवार सुबह विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार किया. ताजमहल की भव्यता और खूबसूरती ने सभी मेहमानों को प्रभावित किया. सुबह करीब 7 बजे प्रतिनिधियों का दल ताजमहल पहुंचा, जहां उन्होंने एक घंटे से अधिक समय तक स्मारक का भ्रमण किया और इसकी ऐतिहासिक विशेषताओं को करीब से जाना.
ताजमहल की वास्तुकला ने किया प्रभावित
दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल अपनी अद्भुत वास्तुकला और कलात्मक नक्काशी के लिए जाना जाता है. ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने स्मारक की बारीक पच्चीकारी, संगमरमर पर की गई नक्काशी और निर्माण शैली को बड़े ध्यान से देखा. प्रतिनिधियों ने ताजमहल के निर्माण से जुड़ी कई जानकारियां प्राप्त कीं और इसके इतिहास को समझने में गहरी रुचि दिखाई. विदेशी मेहमानों ने ताजमहल के ऐतिहासिक महत्व और मुगलकालीन स्थापत्य कला के बारे में विस्तार से जानकारी ली. उन्होंने स्मारक के निर्माण, उसकी डिजाइन और उससे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को लेकर कई सवाल भी पूछे. प्रतिनिधियों का कहना था कि ताजमहल केवल एक स्मारक नहीं बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है.
आगरा के उद्योगों का भी करेंगे दौरा
ताजमहल भ्रमण के बाद ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों का कार्यक्रम आगरा के औद्योगिक क्षेत्र का दौरा करने का भी है. जानकारी के अनुसार प्रतिनिधि दोपहर में डाबर फुटवियर की फैक्ट्री का निरीक्षण करेंगे. इस दौरान वे स्थानीय उद्योगों, उत्पादन प्रक्रिया और लघु एवं मध्यम उद्यमों की कार्यप्रणाली को समझेंगे. कार्यक्रम के तहत शाम के समय अन्य प्रतिनिधि ताजमहल और आगरा किला देखने जाएंगे. आगरा किला भी देश की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है और हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
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ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों का यह दौरा न केवल व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करेगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में मदद करेगा.
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के ऐसे दौरे भारत के पर्यटन क्षेत्र के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आते हैं. ताजमहल जैसी विश्व प्रसिद्ध धरोहरों को देखने के बाद विदेशी मेहमान अपने देशों में भी भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यटन स्थलों का प्रचार करते हैं. यही कारण है कि ब्रिक्स प्रतिनिधियों का यह आगरा दौरा पर्यटन और सांस्कृतिक कूटनीति दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.