'सनातन का अपमान', परशुराम के रूप में राहुल गांधी को देखकर भड़की भाजपा, तस्वीर पर मचा सियासी घमासान

राहुल गांधी के जन्मदिन पर वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका भगवान परशुराम के रूप में चित्र बनाकर पूजा की. इस पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे सनातन परंपराओं का अपमान बताया.

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Ashutosh Rai

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जन्मदिन पर वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है. कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी की एक विशेष तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया. इस तस्वीर पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे सम्मान और शुभकामना का प्रतीक बताया है.

वाराणसी में जन्मदिन कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद

राहुल गांधी के जन्मदिन पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए. इसी दौरान वाराणसी में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक अलग अंदाज में उनका जन्मदिन मनाया. कार्यक्रम में राहुल गांधी की एक तस्वीर प्रदर्शित की गई, जिसमें उन्हें भगवान परशुराम के रूप में दिखाया गया था. तस्वीर में एक हाथ में फरसा और दूसरे हाथ में संविधान की प्रति दिखाई गई. इसके बाद गंगा तट पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक भी किया गया. कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए.

भाजपा ने जताई कड़ी आपत्ति

तस्वीर सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. भाजपा नेताओं ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों और आराध्य व्यक्तित्वों को राजनीतिक कार्यक्रमों से जोड़ना उचित नहीं है. पार्टी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे सनातन परंपराओं से जुड़ी भावनाओं का मुद्दा बताया. भाजपा का कहना है कि किसी भी राजनीतिक नेता की तुलना धार्मिक व्यक्तित्वों से करना लोगों की आस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय है.


कांग्रेस ने मनाया जन्मदिन

विवाद के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि जन्मदिन के अवसर पर कई सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से दशाश्वमेध क्षेत्र में पूजा-अर्चना की गई और लोगों के बीच खिचड़ी का वितरण भी किया गया. कार्यकर्ताओं ने इसे सम्मान और शुभकामना का कार्यक्रम बताया. हालांकि तस्वीर को लेकर शुरू हुई बहस ने पूरे आयोजन को चर्चा में ला दिया.