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15 अगस्त से पहले बरेली को मिलेगी बड़ी सौगात, दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर शुरू हुआ सिक्सलेन फ्लाईओवर का ट्रायल

बरेली के नवदिया झादा में 29.83 करोड़ रुपये की लागत से बने सिक्सलेन फ्लाईओवर पर ट्रायल शुरू हो गया है. एनएचएआई का लक्ष्य 15 अगस्त तक इसे यातायात के लिए खोलने का है, जिससे दिल्ली, लखनऊ और नैनीताल जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.

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Babli Rautela

उत्तर प्रदेश के बरेली से गुजरने वाले दिल्ली-लखनऊ हाईवे और नैनीताल रोड पर सफर करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है. जिले के नवदिया झादा में बन रहे 980 मीटर लंबे सिक्सलेन फ्लाईओवर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. अब फ्लाईओवर पर अंतिम फिनिशिंग का काम चल रहा है और एनएचएआई ने ट्रायल के तौर पर हल्के और भारी दोनों तरह के वाहनों का संचालन शुरू कर दिया है. अधिकारियों का दावा है कि यदि अंतिम चरण का काम तय समय पर पूरा हो गया तो 15 अगस्त तक फ्लाईओवर को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

29.83 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ फ्लाईओवर

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 29 करोड़ 83 लाख रुपये खर्च किए गए हैं. फ्लाईओवर की लंबाई 980 मीटर है और इसके ऊपर सीसी रोड का निर्माण पूरा हो चुका है. दोनों ओर की एप्रोच रोड भी पहले ही तैयार की जा चुकी हैं. फिलहाल पुल के ऊपर लेपन (फिनिशिंग) का कार्य किया जा रहा है. इसके साथ ही एनएचएआई अधिकारियों की निगरानी में ट्रायल रन जारी है, ताकि उद्घाटन से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जा सके.

दुर्घटनाओं का बड़ा केंद्र था नवदिया झादा चौराहा

पीलीभीत बाइपास से बीसलपुर रोड होते हुए करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित नवदिया झादा चौराहा लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिए बदनाम रहा है. इसी स्थान पर बीसलपुर रोड और दिल्ली-लखनऊ हाईवे एक-दूसरे को क्रॉस करते हैं, जिससे आए दिन सड़क हादसे होते थे. लगातार दुर्घटनाओं के कारण इस चौराहे को जिले के सबसे बड़े ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया था. इसके बाद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यहां फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया.


जनवरी 2025 में मिली थी मंजूरी

फ्लाईओवर निर्माण को जनवरी 2025 में शासन से मंजूरी मिली थी. इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) मुरादाबाद ने निर्माण का ठेका मेसर्स विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा. निर्माण कार्य मार्च 2025 में शुरू हुआ था और इसे जनवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. हालांकि, अधिक बारिश और बाद में कोलतार की कमी के कारण परियोजना निर्धारित समय में पूरी नहीं हो सकी.

अब फ्लाईओवर पर ट्रायल के दौरान छोटे वाहनों के साथ-साथ भारी वाहनों को भी चलाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, पुल के एक हिस्से पर अभी अंतिम लेपन का काम जारी है, इसलिए वहां वाहन धीमी गति से गुजर रहे हैं. उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में यह काम भी पूरा हो जाएगा. फ्लाईओवर चालू होने के बाद दिल्ली, लखनऊ, नैनीताल और पीलीभीत की ओर जाने वाले वाहनों को ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलेगी और यात्रा का समय भी कम होगा.