गंगा एक्सप्रेसवे पर नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं, एडवांस तकनीक से ऐसे कटेगा चालान

गंगा एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक कैमरों और कंट्रोल रूम की मदद से बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और अन्य नियम तोड़ने पर ऑटोमैटिक चालान कटेगा. चलिए जानते हैं क्या-क्या सुविधाएं मिलेगी.

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Km Jaya

हरदोई: गंगा एक्सप्रेसवे जिसका आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया उसे 36,230 करोड़ रुपये की लागत बनाया गया है और अब इस्तेमाल के लिए तैयार है. यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज को मेरठ से जोड़ेगा और इसकी कुल लंबाई 594 किलोमीटर है. गंगा एक्सप्रेसवे को एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तौर पर सराहा जा रहा है, जो न सिर्फ उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे देश में विकास को गति देगा.

इस एक्सप्रेसवे पर टोल कलेक्शन और जुर्माना लगाने के सिस्टम भी काफी आधुनिक हैं. एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और खास कैमरों से लैस कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. इन कंट्रोल रूम से गंगा एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहनों पर लगातार और बारीकी से नजर रखी जाएगी.

कितनी स्पीड की है इजाजत?

गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों को 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने की इजाजत है. इस रूट पर कई जगहों पर बेहद आधुनिक टोल प्लाजा बनाए गए हैं. ये शानदार और आधुनिक टोल प्लाजा खास तौर पर धनुष के आकार में डिजाइन किए गए हैं.

कैसे कटेगा जुर्माना?

टोल प्लाजा के पास ही एक खास कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां हाई-टेक कैमरों और आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके एक्सप्रेसवे पर होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. इन कैमरों का रिजॉल्यूशन इतना ज्यादा है कि अगर कोई बाइक सवार बिना हेलमेट के दिखेगा, तो उसकी तस्वीर खींच ली जाएगी और उससे जुड़ा जुर्माना सीधे उसके रजिस्टर्ड पते पर भेज दिया जाएगा.

कैसे करेगा काम?

टोल प्लाजा के पास बने कंट्रोल रूम में मौजूद स्टाफ ने इस्तेमाल हो रही आधुनिक टेक्नोलॉजी और काम करने के तरीके के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अगर सुरक्षा से जुड़ा कोई भी नियम तोड़ा जाता है. जैसे अगर कोई दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट पहने एक्सप्रेसवे पर आ जाता है तो सिस्टम तुरंत उस उल्लंघन को पकड़ लेगा. कंट्रोल रूम का मॉनिटरिंग सिस्टम इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अगर कोई वाहन बिना सीट बेल्ट लगाए गुजरता है, तो वह उसे भी पकड़ लेगा.

और क्या-क्या किए गए हैं इंतजाम?

इस विशाल एक्सप्रेसवे पर होने वाली किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है. आपातकालीन वाहनों, एम्बुलेंस और क्रेनों का एक बेड़ा उपलब्ध है और ऐसी सुविधाएं पूरे रास्ते में हर 30 किलोमीटर पर रणनीतिक रूप से तैनात की गई हैं. एक्सप्रेसवे की पूरी लंबाई में अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं ताकि लगातार निगरानी की जा सके. इस प्रोजेक्ट के बड़े पैमाने को देखते हुए, इस एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक की मात्रा अन्य एक्सप्रेसवे की तुलना में काफी अधिक होने की उम्मीद है.