'भाजपा में अब करंट नहीं रहा', यूपी में बिजली कटौती की शिकायतों पर अखिलेश यादव ने कसा तंज
बता दें कि भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश में जगह-जगह बिजली कटौती की समस्या देखने को मिल रही है. खासकर रात के समय में बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
प्रचंड गर्मी में उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती की शिकायतों के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार राज्य में बिजली की स्थिति को संभालने में विफल हो गई है.
अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के बीच समन्वय की कमी पर कटाक्ष किया. 'अगले चुनाव में जनता भाजपा को अच्छे से धो-पटककर हमेशा के लिए सुखा देगी। शुक्र है उप्र के ‘असफल मुख्यमंत्री’ जी ने ये नहीं कहा कि इस ‘महा विद्युत आपदा’ के पीछे दिल्लीवालों के भेजे हुए दूत की साज़िश है। ये स्पष्ट किया जाए कि मुख्यमंत्री जी की समीक्षा बैठक में बिजली मंत्री जी आते नहीं हैं या बुलाए नहीं जाते हैं। अगर आते हैं तो माननीय से अनुरोध है कि उनके ‘कंधे पर हाथ रखकर’ एक तस्वीर आप पोस्ट कर दीजिए, जनता को आपकी ‘आपसी गर्मी’ से तो राहत मिल जाएगी क्योंकि जनता ने आप दोनों को कभी एकांत में साथ देखा नहीं। भाजपा राज में बिजली के सब-स्टेशनों पर पीएसी लगती है और विधायक-सांसद अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ चिट्ठी लिखकर, जनता के आक्रोश से बचने का कायराना काम करते हैं। भाजपा में अब करेंट नहीं रहा!'
सरकार की प्रतिक्रिया पर विपक्ष ने दागे सवाल
समाजवादी पार्टी ने बिजली कटौती को लेकर जनता के गुस्से से निपटने के सरकार के तरीके की भी आलोचना की. उन्होंने बिजली उपकेंद्रों पर प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी कर्मियों की तैनाती का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार व्यवधानों का सामना कर रहे निवासियों की चिंताओं को दूर करने के बजाय आलोचना से बचने की कोशिश कर रही है.उन्होंने आगे कहा, 'भाजपा शासन में बिजली उप-स्टेशनों पर पीएससी तैनात की जाती है और विधायक-सांसद जनता के गु्स्से से बचने के लिए कायरतापूर्ण तरीके से अपनी ही सरकार के खिलाफ पत्र लिखते हैं. भाजपा में अब करंट नहीं बचा है.'
यादव की प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब यूपी सरकार अपने बिजली सप्लाई प्रबंधन का लगातार बचाव करती रही है और रिकॉर्ड बिजली वितरण के आंकड़े प्रदर्शित करती रही है.
पिछले 12 सालों में 113% बढ़ी यूपी में बिजली खपत
पिछले 12 सालों में यूपी की सालाना बिजली खपत दोगुने से भी ज्यादा हो गई है. उत्तर प्रदेश राज्य लोड डिस्पैटच सेंटर (UPALDC) के आंकड़ों से पता चलता है कि वार्षिक ऊर्जा खपत 2012-13 में 76,574.6 मिलियन यूनिट से बढ़कर 2025-26 में 1,62,858.1 एमयू हो गई है जो 113% से अधिक की वृद्धि है.
भीषण गर्मी के तापमान के बीच उत्तर प्रदेश ने 24 मई को 31,824 मेगावाट की पीक डिमांड को पूरा करते हुए अब तक की सबसे अधिक बिजली आपूर्ति दर्ज की. इसी बीच, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश बिजली आपूर्ति का अब तक का उच्चतम स्तर हासिल कर लिया है और दावा किया है कि राज्य बिजली वितरण में नए मानदंड स्थापित कर रहा है.