'नाम नहीं, हालात भी बदलें', 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने को लेकर योगी सरकार पर बरसे अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने के फैसले की आलोचना करते हुए रेलवे सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील की. लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता के कारण देरी के बाद रेल मंत्रालय ने नाम बदलने को मंजूरी दे दी. अमेठी जिले के सभी स्टेशनों के नाम मंगलवार को आधिकारिक तौर पर अपडेट कर दिए गए.
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर रेलवे के 8 रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने के फैसले की अखिलेश यादव ने तीखी आलोचना की है. समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रशासन की आलोचना की और उनसे रेलवे सुरक्षा को नाम बदलने से ज़्यादा प्राथमिकता देने का आग्रह किया.
एक्स पर अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा कि और जब आपको नाम बदलने से फुर्सत मिले, तो थोड़ा समय निकालकर रिकॉर्ड तोड़ रेल दुर्घटनाओं को रोकने के बारे में सोचें. उनकी ये टिप्पणी हाल ही में रेल मंत्रालय की ओर से की गई घोषणा के जवाब में आई है, जिसमें अमेठी जिले के आठ रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने को मंज़ूरी दी गई है.
नाम बदलने का प्रस्ताव सबसे पहले फरवरी में अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी ने गृह मंत्रालय (एमएचए) को भेजा था. गृह मंत्रालय ने मार्च में इसे मंजूरी दे दी, जिसके बाद इन नाम बदले गए.
- कासिमपुर हाल्ट अब जायस सिटी के नाम से जाना जाएगा.
- जायस को गुरु गोरखनाथ धाम नाम से जाना जाएगा.
- मिसरौली को मां कालिकन धाम के नाम से जाना जाएगा.
- बनी रेलवे स्टेशन का नाम अब स्वामी परमहंस कर दिया गया है.
- निहालगढ़ को महाराजा बिजली पासी नाम से जाना जाएगा.
- अकबरगंज को मां अहोरवा भवानी धाम कर दिया गया है.
- वारिसगंज को अमर शहीद भाले सुल्तान के नाम से जाना जाएगा.
- फुरसतगंज को तपेश्वरनाथ धाम के नाम से जाना जाएगा.
आदर्श आचार संहिता के कारण हुई देरी
लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के कारण इन बदलावों के क्रियान्वयन में देरी हुई थी. हालांकि, मंगलवार को रेल मंत्रालय ने नाम बदलने के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी. उत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन की सीनियर मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के कारण रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने का काम नहीं हो पाया था, लेकिन मंगलवार को रेल मंत्रालय ने आखिरकार बदलावों के बारे में अधिसूचना जारी कर दी. जल्द ही रेलवे क्रिस (सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम) भी नाम बदले गए रेलवे स्टेशनों को अपडेट कर देगा.