menu-icon
India Daily

गोरखपुर में जलभराव वाली सड़क पर पोल में उतरा करंट, 16 वर्षीय छात्र की मौत

गोरखपुर में जलभराव वाली सड़क पर बिजली के पोल में उतरे करंट की चपेट में आने से 16 वर्षीय छात्र पुरुषोत्तम दुसाद की मौत हो गई. बताया गया है कि इसी पोल में पहले भी करंट उतरने से जानवरों की मौत हो चुकी थी.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
गोरखपुर में जलभराव वाली सड़क पर पोल में उतरा करंट, 16 वर्षीय छात्र की मौत
Courtesy: ChatGPT

गोरखपुर: गोरखपुर में जलभराव के बीच बिजली के पोल में करंट उतरने से 16 वर्षीय छात्र पुरुषोत्तम दुसाद की मौत हो गई. घटना ने नगर निगम और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि जिस बिजली के पोल में करंट उतरा था, वहां पहले भी जानवरों की मौत हो चुकी थी. इसके बावजूद समय रहते खतरे को दूर नहीं किया गया.

घटना राजीव नगर कॉलोनी की बताई जा रही है. बांसगांव के भैंसा बाजार निवासी पप्पू दुसाद करीब 15 वर्षों से परिवार के साथ यहां किराये के मकान में रह रहे हैं. वह फलमंडी में मजदूरी करते हैं. उनका 16 वर्षीय बेटा पुरुषोत्तम कक्षा नौ में पढ़ता था. बताया गया कि पुरुषोत्तम घर से सामान लेने निकला था. इसी दौरान जलभराव वाली सड़क पर बिजली के पोल के संपर्क में आने से वह करंट की चपेट में आ गया.

कैसी थी वहां की स्थिति?

कुरियर एजेंसी के कार्यालय के पास सड़क पर काफी पानी भरा था. वहां मौजूद लोगों ने पहले पानी में औंधे मुंह पड़े किशोर को देखकर समझा कि कोई कपड़ा बह रहा है. कुछ देर बाद उसकी पहचान पुरुषोत्तम के रूप में हुई. पास में वही बिजली का पोल था, जिसमें पहले भी करंट उतरने से जानवरों की मौत होने की बात सामने आई थी. इस वजह से लोगों ने बिजली बंद होने तक पानी में उतरकर छात्र को निकालने की हिम्मत नहीं की.

कुरियर कंपनी के मैनेजर ने क्या लिया एक्शन?

कुरियर कंपनी के मैनेजर ने पावर हाउस में फोन कर बिजली आपूर्ति बंद कराई. इसके बाद लोगों ने पुरुषोत्तम को पानी से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी. पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर गई जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

मृतक के चाचा ने क्या लगाया आरोप?

मृतक के चाचा धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि पुलिस के पहुंचने के समय पुरुषोत्तम जीवित था. उनका कहना है कि अगर उसे तत्काल उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी. वहीं एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पीआरवी के माध्यम से छात्र को जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

घटना के बाद नगर निगम और बिजली विभाग ने जांच शुरू कर दी है. प्रशासन ने दोनों विभागों से रिपोर्ट मांगी है. जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.