NEET 2026 पेपर लीक विवाद: राजस्थान में वायरल ‘गेस पेपर’ से मिले 150 सवाल, SOG जांच में बड़ा खुलासा
NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. राजस्थान SOG जांच में वायरल ‘गेस पेपर’ के 140-150 सवाल असली परीक्षा से मेल खाने का दावा किया गया है. मामले में 13 संदिग्ध हिरासत में, NTA ने सुरक्षा व्यवस्था का बचाव किया.
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. राजस्थान में जांच एजेंसियों को एक ऐसा 'गेस पेपर' मिला है, जिसके कई सवाल कथित तौर पर असली परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते हैं. मामले के सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने जांच तेज कर दी है.
सीकर में वायरल हुआ था प्रश्नपत्र
जांच एजेंसियों के मुताबिक केरल के एक MBBS छात्र ने 1 मई को राजस्थान के सीकर में अपने एक परिचित को प्रश्नों की सूची भेजी थी. बाद में यह सामग्री व्हाट्सएप ग्रुप, कोचिंग नेटवर्क, पीजी आवास और करियर काउंसलर्स के जरिए तेजी से फैली गई.
एसओजी की शुरूआती जांच में सामने आया है कि वायरल दस्तावेज में मौजूद करीब 300 सवालों में से 140 से 150 सवाल नीट परीक्षा में हूबहू पूछे गए. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि करीब 600 अंकों के प्रश्नों में समानता पाई गई.
सवालों के विकल्पों का क्रम भी वही था
जांच को और गंभीर तब माना गया जब अधिकारियों ने पाया कि कई प्रश्नों के उत्तर वाले विकल्पों का क्रम भी कथित वायरल दस्तावेज से मेल खा रहा था. चूंकि NEET में हर सवाल चार अंक को होता है, इसलिए अगर आरोप सही साबित होते हैं तो इससे रैंकिंग और एडमिशन प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ सकता है.
13 संदिग्ध हिरासत में
राजस्थान एसओजी ने इस मामले में देहरादून, सीकर और झुंझनू से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है. सीकर के एक करियर काउंसलर को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसका संबंध कोचिंग नेटवर्क से बताया जा रहा है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह केवल बेहद सटीक गेस पेपर था या फिर परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक होने का मामला है.
सोशल मीडिया पर एन्क्रिप्टेड एप्स पर फैला पेपर
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्नों की सामग्री एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर बड़े स्तर पर साझा की गई थी. कुछ चैट्स में 'Forwarded Many Times' का टैग भी मिला है. जिससे संकेत मिलता है कि परीक्षा से पहले यह सामग्री बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के पास पहुंच चुकी थी.
NTA ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बीच एनटीए ने भी बयान जारी किया है. एजेंसी का कहना है कि 3 मई को NEET UG की परीक्षा पूरे सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत कराई थी. एजेंसी एसओजी की जांच पर भी नजर बनाए हुए है. जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है.
22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा
3 मई को पूरे देश में आयोजित नीट यूजी परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे. यह परीक्षा एमबीबीएस और बीडीएस जैसे मेडिकल कोर्सेस में प्रवेश का आधार है. सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के मुताबिक जीपीएस ट्रैकिंग एआई कैमरे और जैमर आदि का प्रयोग किया जाता है.