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राजस्थान में पूरी हुई SIR प्रक्रिया, चुनाव आयोग ने जारी की 5.15 करोड़ वोटर्स की फाइनल लिस्ट

राजस्थान में 'विशेष गहन पुनरीक्षण 2026' के बाद मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है. राज्य में अब कुल 5.15 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें युवा और महिला मतदाताओं की संख्या में भारी उछाल आया है. लिंगानुपात में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

जयपुर: राजस्थान में लोकतांत्रिक ढांचे को सशक्त करने की दिशा में निर्वाचन विभाग ने एक ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया है. चुनाव आयोग ने शनिवार को 'विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026' की चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन जारी कर दिया. नए आंकड़ों के मुताबिक, अंता विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर प्रदेश की 199 सीटों पर अब कुल मतदाताओं का आंकड़ा लगभग 5.15 करोड़ (5,15,19,929) तक जा पहुंचा है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से साफ है कि इस बार सूची में लैंगिक समानता और युवा भागीदारी पर अभूतपूर्व ध्यान दिया गया है. अंतिम प्रकाशित सूची में 2.69 करोड़ पुरुष, 2.45 करोड़ महिलाएं और 562 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं. दिसंबर 2025 में जारी प्रारूप सूची की तुलना में इस बार 10.48 लाख नए नाम जुड़े हैं, जो 2.08% की शुद्ध वृद्धि है. सबसे सुखद पहलू यह है कि 18-19 आयु वर्ग के पहली बार वोट देने वाले युवाओं की संख्या में 4.35 लाख से अधिक का इजाफा हुआ है.

लिंगानुपात में सुधार: जयपुर और कोटा रहे अग्रणी 

मतदाता पुनरीक्षण अभियान ने प्रदेश के सामाजिक संतुलन की भी एक बेहतर तस्वीर पेश की है. राज्य का लिंगानुपात 2 अंकों के सुधार के साथ 909 से बढ़कर अब 911 हो गया है. जिलावार प्रदर्शन देखें तो जयपुर में लिंगानुपात में 7 अंकों और कोटा में 6 अंकों की शानदार बढ़त देखी गई है. मतदाताओं की कुल संख्या में वृद्धि के मामले में राजधानी जयपुर 3.45% की दर के साथ सबसे आगे रही, जबकि फलौदी (3.22%) और भरतपुर (2.78%) ने भी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई.

पारदर्शिता और संवैधानिक मर्यादा की मिसाल 

यह विशाल अभियान 27 अक्टूबर 2025 से 21 फरवरी 2026 के बीच चलाया गया. प्रक्रिया की जटिलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआत में संख्या 5.46 करोड़ से अधिक थी, लेकिन शुद्धिकरण (ASD प्रक्रिया) के दौरान 41.84 लाख अपात्र नाम हटाए गए और 12.91 लाख नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा गया. सीईओ ने इस कार्य में समर्पित 41 जिला निर्वाचन अधिकारियों और 61,136 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की प्रशंसा की है.

संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत 'कोई भी पात्र मतदाता न छूटे' के सिद्धांत पर आधारित यह अभियान उत्तर प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल सहित देश के 12 राज्यों में संचालित किया जा रहा है. अंता विधानसभा क्षेत्र की अंतिम सूची का प्रकाशन तकनीकी कारणों से आगामी 12 मार्च 2026 को किया जाएगा.