World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस सी के इलाज में पंजाब का मॉडल बना मिसाल, दूसरे राज्यों के लिए भी बना प्रेरणा

पंजाब का हब एंड स्पोक ईसीएचओ मॉडल हेपेटाइटिस सी के इलाज को मरीजों के नजदीक पहुंचाने में सफल साबित हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल को दूसरे राज्यों में लागू कर अधिक लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है.

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Km Jaya

चंडीगढ़: विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026 के अवसर पर पंजाब का हेपेटाइटिस सी नियंत्रण मॉडल देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब का हब एंड स्पोक ईसीएचओ मॉडल दूसरे राज्यों के लिए भी एक प्रभावी उदाहरण साबित हो सकता है. इस मॉडल के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को आपस में जोड़ा गया है, जिससे मरीजों को अपने ही जिले या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर बेहतर इलाज मिल रहा है.

अब मरीजों को हर बार बड़े शहरों या प्रमुख अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती. स्थानीय डॉक्टर विशेषज्ञों से ऑनलाइन मार्गदर्शन लेकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं. इससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है और अधिक लोगों तक उपचार की सुविधा पहुंच रही है.

पीजीआईएमईआर के विशेषज्ञों ने क्या बताया?

पीजीआईएमईआर के विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब में इस मॉडल ने हेपेटाइटिस सी की जांच और इलाज को विकेंद्रीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसी कारण अब इसे देश के अन्य हिस्सों में भी अपनाने की सलाह दी जा रही है.


लोगों को जागरूक करने के लिए क्या किया गया?

विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर पीजीआई के हेपेटोलॉजी विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए लिवर क्लीनिक में स्क्रीनिंग कैंप लगाया है. मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को भी जांच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि हेपेटाइटिस बी और सी लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए समय पर जांच बेहद जरूरी है.

पीजीआई के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. सुनील तनेजा के अनुसार संस्थान की आउट पेशेंट लिवर क्लीनिक में हर वर्ष क्रोनिक हेपेटाइटिस बी और सी के लगभग 800 से 1000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. इनमें पंजाब के अलावा देश के कई राज्यों से रेफर किए गए मरीज भी शामिल होते हैं.

डॉक्टरों का क्या है कहना?

विशेषज्ञों ने यह भी चिंता जताई कि जहां हेपेटाइटिस सी पर नियंत्रण की दिशा में अच्छी प्रगति हो रही है, वहीं पिछले तीन से चार वर्षों में हेपेटाइटिस ए के गंभीर मामलों में वृद्धि देखी गई है. पीजीआई के लिवर आईसीयू में भर्ती कई एक्यूट लिवर फेल्योर मरीजों में हेपेटाइटिस ए संक्रमण पाया गया है. कुछ मरीजों में लंबे समय तक पीलिया और तेज खुजली जैसे असामान्य लक्षण भी सामने आए हैं.

डॉक्टरों का कहना है कि हेपेटाइटिस से बचाव के लिए स्वच्छता, सुरक्षित भोजन और पानी, समय पर जांच तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है. जागरूकता और समय पर इलाज से इस बीमारी के गंभीर प्रभावों को काफी हद तक रोका जा सकता है.