स्पेन में गिरफ्तार हुआ गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों, भारत प्रत्यर्पण की तैयारी; NIA ने रखा था 10 लाख का इनाम
वांछित गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ढिल्लों को स्पेन के मैड्रिड से गिरफ्तार किया गया है. NIA ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित किए जाने की तैयारी चल रही है.
चंडीगढ़: स्पेन की सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय में कार्रवाई करते हुए वांछित गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ढिल्लों को मैड्रिड से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित किए जाने की तैयारी की जा रही है.
जानकारी के मुताबिक पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स से मिले इनपुट के आधार पर स्पेनिश सुरक्षा एजेंसियों ने यह कार्रवाई की. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि उसे भारत लाकर लंबित मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा सके.
क्या लगा है आरोप?
गोल्डी ढिल्लों पर चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जनकी दास की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. 13 जून को दो नकाबपोश हमलावरों ने दिनदहाड़े जनकी दास की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस मामले में जांच एजेंसियां पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं और जांच लगातार जारी है.
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जांच एजेंसियों ने क्या किया दावा?
पुलिस के अनुसार गोल्डी ढिल्लों हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती, अपहरण, दंगा, जबरन वसूली और अवैध हथियारों की सप्लाई सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित रहा है. जांच एजेंसियों का दावा है कि वह लंबे समय से विदेश में रहकर अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा था.
सूत्रों के मुताबिक गोल्डी ढिल्लों वर्ष 2022 में भारत से फरार होकर पहले जर्मनी पहुंचा था. बाद में उसने स्पेन में अपना ठिकाना बना लिया. भारतीय एजेंसियां लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा था.
कितने के हुआ इनाम घोषित?
जांच एजेंसियों के अनुसार गोल्डी ढिल्लों का नाम गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से भी जोड़ा जाता रहा है. इसी कारण वह सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता सूची में शामिल था. National Investigation Agency (NIA) ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.
अधिकारियों का कहना है कि भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उससे कई मामलों में पूछताछ की जाएगी. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. फिलहाल स्पेन और भारत की एजेंसियां कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी हैं.